नई दिल्ली। मध्य जिले की आईपी एस्टेट थाना पुलिस ने शास्त्री पार्क का सक्रिय बदमाश और दिल्ली-बदर घोषित कुख्यात स्नैचर शाहरुख (26 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 5 चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। आरोपी पर लूट, झपटमारी, चोरी और चोरी का माल खरीदने के करीब 30 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस उपायुक्त, मध्य जिला, रोहित राजबीर सिंह (IPS) ने बताया कि आरोपी संगठित अपराध में लिप्त एक बड़े गिरोह का सक्रिय सदस्य है और कई बार तिहाड़ और मांडोली जेल जा चुका है।
27 जून 2026 को थाना आईपी एस्टेट में पीसीआर कॉल आई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह रैपिडो बाइक पर आईपी फ्लाईओवर, ITO से कश्मीरी गेट की तरफ जा रहा था, तभी पीछे से बाइक सवार दो बदमाशों ने उसका OnePlus Nord-4 मोबाइल फोन छीन लिया और फरार हो गए।
इस पर थाना आईपी एस्टेट में FIR No. 252/2026 धारा 304(2)/3(5) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पता चला कि ITO-आईपी एस्टेट इलाके में करीब एक घंटे के भीतर ही मोबाइल स्नैचिंग की 4 वारदातें हुई थीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने सभी संभावित रास्तों पर लगे 750 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।
जांच में पहले ही दो आरोपी आसिफ और तारिक उर्फ दानिश गिरफ्तार हो चुके थे और मामले में संगठित अपराध की धारा 112 BNS जोड़ी गई थी। पूछताछ में मुख्य आरोपी के तौर पर शाहरुख की भूमिका सामने आई।
इंस्पेक्टर नरेश कुमार, SHO थाना आईपी एस्टेट के नेतृत्व में और एसीपी कमला मार्केट राजीव भारद्वाज की देखरेख में SI योगेश पूनिया, HC अविनाश, HC राजेंद्र, HC रोहताश, Ct. सुरेंद्र और Ct. यशवीर की टीम बनाई गई।
गुप्त सूचना मिली कि आरोपी शाहरुख तीस हजारी कोर्ट के बाहर आने वाला है। पुलिस ने जाल बिछाकर उसे धर दबोचा। उसके घर की तलाशी में चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि वह अपने साथियों के साथ दिल्ली भर में बाइक, स्कूटी और ऐप-बेस्ड टैक्सी पर चल रहे लोगों को निशाना बनाता था। वारदात के लिए चोरी की बाइक का इस्तेमाल करते थे। एक बाइक चलाता था और पीछे बैठा दूसरा फोन, चेन झपट लेता था। आरोपी के पास से बरामद हुए 5 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
उसने यह भी बताया कि गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही उसने अपने साथी के साथ काले खां सराय लाल बत्ती के पास चेन स्नैचिंग की वारदात की थी। गिरोह चौड़ी सड़कों, फ्लाईओवर और व्यस्त चौराहों पर वारदात करता था। वारदात के बाद चोरी का माल दिल्ली-NCR के रिसीवरों को बेच देते थे या छुपा देते थे। आरोपी की गिरफ्तारी से 5 मामलों का खुलासा हुआ है।
पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब उसके बाकी साथियों और चोरी का माल खरीदने वालों की तलाश में जुटी है।