दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अभियान में 8 गुमशुदा लोगों को सकुशल बरामद कर उनके परिवारों से मिलाया है। इनमें 3 नाबालिग लड़कियां, 4 महिलाएं और एक युवक शामिल हैं।
पुलिस ने इन लोगों को महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली से तलाश कर निकाला। इनमें से 7 मामलों में 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
सबसे बड़ा मामला – 8 साल बाद मिली महिला
33 साल की एक महिला जो 6 नवंबर 2017 से लापता थी, उसे जयपुर, राजस्थान से बरामद किया गया। पूछताछ में पता चला कि पिता की मृत्यु के बाद डिप्रेशन में आकर वह घर छोड़कर अलग-अलग जगहों पर रह रही थी। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने किया।
अन्य प्रमुख बरामदगी:
- जालना, महाराष्ट्र से: 15 साल की नाबालिग लड़की जो सितंबर 2025 से गायब थी। वह पड़ोस के एक लड़के के साथ चली गई थी। AHTU टीम इंस्पेक्टर मनोज दहिया के नेतृत्व में उसे वापस लाई।
- 4 साल बाद मिली बच्ची: 12 साल की लड़की जो 2022 से बुद्ध विहार से लापता थी, उसे खानझावला के एक शेल्टर होम से बरामद किया गया।
- राणा पार्क, दिल्ली से: 14 साल की लड़की जो नए कपड़े न मिलने पर मां की डांट से नाराज होकर बदायूं चली गई थी।
- बदायूं, यूपी से: 19 साल की युवती जो प्रेम संबंध के चलते शादी कर बदायूं में रह रही थी।
- देहरादून से: 36 साल की महिला जो पति से झगड़े के बाद घर छोड़कर अकेले रह रही थी।
6 व 7. पानीपत, हरियाणा से: अलीपुर थाने से लापता 31 साल की महिला और 29 साल का युवक, दोनों को पानीपत से बरामद किया गया। दोनों पारिवारिक विवाद के कारण घर छोड़कर गए थे।
क्राइम ब्रांच ने बताया कि तकनीकी सर्विलांस, फील्ड इंटेलिजेंस और मानवीय दृष्टिकोण से यह सफलता मिली है। हर गुमशुदगी की शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है।