दिल्ली में साइबर ठगी का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार

20 जून 2026 | नई दिल्ली

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस के चांदनी महल थाना ने एक अंतरराज्यीय APK-आधारित निवेश धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए साइबर फ्रॉड के एक मुख्य सूत्रधार को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान तुर्कमान गेट निवासी 27 वर्षीय मोहीद पुत्र यामीन के रूप में हुई है।

मामले की शुरुआत कैसे हुई
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की शिकायत मिली थी। जांच में एक बैंक खाता सामने आया जो मोहीद के नाम पर था। पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसके खाते में हुए लेन-देन ईद पर बकरों की खरीद-फरोख्त से जुड़े हैं। लेकिन बैंक रिकॉर्ड, Paytm रिकॉर्ड, UPI लेन-देन और अन्य डिजिटल सबूतों की गहन जांच में यह दावा झूठा निकला।

इसके बाद चांदनी महल थाने में FIR संख्या 361/2026, धारा 112(2), 318(4) और 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस टीम और कार्रवाई
इस जांच को SI नरेंद्र, इंचार्ज PP तुर्कमान गेट, ASI बलहुसेन, HC हर्ष और Ct. दीपक की टीम ने अंजाम दिया। टीम का पर्यवेक्षण SHO, PS चांदनी महल और ACP, दरियागंज सब-डिवीजन द्वारा किया गया।

बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल लेन-देन की बारीकी से जांच के बाद आरोपी की भूमिका ठगी के पैसों को निकालने और आगे पहुंचाने में स्थापित हुई।

पूछताछ में सामने आया ठगी का तरीका
पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि वह एक संगठित साइबर ठगी सिंडिकेट का हिस्सा है जो मोबाइल APK एप्लिकेशन के जरिए काम करता है।

जांच में पता चला कि यह गिरोह दो इंटरफेस से चलता था। एक इंटरफेस का इस्तेमाल सिंडिकेट के सदस्य बैंक खातों का रजिस्ट्रेशन और ठगी के पैसे लेने के लिए करते थे। दूसरा इंटरफेस कर्नाटक व अन्य राज्यों से चलाया जाता था, जहां पीड़ितों को ज्यादा और पक्के रिटर्न का लालच देकर निवेश के लिए फंसाया जाता था।

शुरुआत में पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए उनके खातों में छोटी रकम भेजी जाती थी। इसके बाद उन्हें लाखों रुपये निवेश करने के लिए उकसाया जाता था। बड़ी रकम जमा होने के बाद एप्लिकेशन बंद हो जाती थी और पीड़ितों के साथ ठगी हो जाती थी।

ठगी की रकम आरोपी समेत सिंडिकेट के सदस्यों के खातों में भेजी जाती थी। आरोपी नकद पैसे निकालकर कमीशन काटने के बाद बाकी रकम सिंडिकेट के अन्य सदस्यों को दे देता था। अपने खाते की लिमिट खत्म होने पर आरोपी ने अपने पिता के बैंक खाते का भी इस्तेमाल किया।

डिजिटल सबूत और फाइनेंशियल ट्रेल

  • बैंक खातों के रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया • Paytm और UPI लेन-देन के ट्रेल स्थापित किए गए • डिजिटल सबूत इकट्ठा कर जांचे गए • आरोपी के खातों से ठगी की रकम का मनी ट्रेल जोड़ा गया
    पहले भी जुड़ चुका है नाम
    NCRP पोर्टल से जांच में आरोपी के खिलाफ दो अन्य साइबर फ्रॉड शिकायतें भी मिली हैं। ये मामले अलग-अलग राज्यों से जुड़े हैं।

आगे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। नेटवर्क के पूरे फैलाव का पता लगाया जा रहा है।

डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह, IPS ने बताया कि साइबर ठगी के ऐसे मामलों में आम जनता को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी अनजान ऐप या ज्यादा रिटर्न के लालच में निवेश न करें।

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