मध्य जिला पुलिस ने एडीएम बनकर ठगी करने वाले शातिर को किया गिरफ्तार, ₹60 लाख की धोखाधड़ी का खुलासा

नई दिल्ली : पुलिस चौकी शिदिपुरा, थाना देशबंधु गुप्ता रोड, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की टीम ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पवन कुमार पांडेय उर्फ वरुण कुमार पांडेय को गिरफ्तार किया है जो खुद को उत्तर प्रदेश का एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट बताकर लोगों को ठगता था। आरोपी ने सरकारी नौकरी और नोएडा में प्लॉट दिलाने के नाम पर करीब ₹60 लाख की ठगी की है।


23 मार्च 2026 को पीपी सिधिपुरा में एक शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी ने खुद को “वरुण कुमार पांडेय, एडीएम, उत्तर प्रदेश” बताकर सरकारी अधिकारियों से नजदीकी होने का झांसा दिया। सरकारी नौकरी और नोएडा में सरकारी नीति के तहत प्लॉट दिलाने का वादा कर आरोपी ने शिकायतकर्ता और उसके साथियों से लगभग ₹60 लाख ऐंठ लिए। इस पर थाना डीबीजी रोड में FIR No. 206/2026 धारा 318(4)/316(2)/319(2)/204/61(2) BNS के तहत केस दर्ज किया गया।


मामले की जांच SI सुमित सिंह, IC/PP सिधिपुरा के नेतृत्व में की गई। SHO इंस्पेक्टर रणधीर सिंह और ACP पहाड़गंज श्री शौरभ ए. नरेंद्र, IPS की देखरेख में टीम ने तकनीकी सर्विलांस, डिजिटल सबूत और बैंक लेनदेन का विश्लेषण किया। e-Sakshya के जरिए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य रिकॉर्ड किए गए और मनी ट्रेल स्थापित की गई। लगातार निगरानी के बाद आरोपी को पकड़ लिया गया।


जांच में सामने आया कि आरोपी ने असली PCS अधिकारी वरुण कुमार पांडेय, 2015 बैच, पूर्व एडीएम झांसी की पहचान चुराई थी। आरोपी के मोबाइल से जुड़ी Apple ID भी “वरुण कुमार पांडेय” के नाम पर मिली। उसने e-Sakshya रिकॉर्डिंग में भी खुद को लोधी रोड पर तैनात एडीएम बताया और कहा कि वह पहले SDM मेहनगर तहसील, आजमगढ़ रह चुका है।

बैंक खातों और UPI ट्रांजेक्शन से साफ हुआ कि पीड़ितों से बिचौलियों के जरिए मोटी रकम ली गई। ₹25,000 और ₹50,000 के लेनदेन के स्क्रीनशॉट भी मिले हैं।


पवन कुमार पांडेय उर्फ वरुण कुमार पांडेय, निवासी गांधी विहार, दिल्ली, उम्र 43 वर्ष। आरोपी पहले से FIR No. 1932/2019 थाना साहिबाबाद में धारा 419/170/189/504/506/120B IPC के तहत शामिल रह चुका है।

पूछताछ में आरोपी ने माना कि वह कई सालों से ADM बनकर ठगी कर रहा था। • असली अधिकारी की फोटो और जानकारी सोशल मीडिया से लेकर लोगों का भरोसा जीतता था। • फर्जी ID कार्ड, विजिटिंग कार्ड और दस्तावेज बनवाए थे। • वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क का झूठा दावा करता था। • ठगी के पैसों से चल-अचल संपत्ति खरीदी। इसके पास से “वरुण कुमार पांडेय, ADM सिटी, उत्तर प्रदेश” लिखे विजिटिंग कार्ड, फर्जी ID कार्ड, संदिग्ध शैक्षिक प्रमाणपत्र, सरकारी दस्तावेज, व्हाट्सएप चैट और फोटो। बातचीत की रिकॉर्डिंग वाले पेन ड्राइव, मोबाइल फोन, स्क्रीनशॉट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और e-Sakshya वीडियो। बैंक स्टेटमेंट, UPI ट्रांजेक्शन, लेनदेन के स्क्रीनशॉट सबूत के तौर पर बरामद हुए हैं

डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट रोहित राजबीर सिंह, IPS ने बताया कि मामले में अन्य सहयोगियों और अतिरिक्त पीड़ितों की भूमिका की जांच जारी है। अपराध से अर्जित संपत्ति को ट्रेस किया जा रहा है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी अधिकारी के नाम पर नौकरी या प्लॉट दिलाने का दावा करने वालों से सावधान रहें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *