नई दिल्ली। राजधानी के पहाड़गंज इलाके में दिल्ली नगर निगम की सरल स्कीम की आड़ में सभी नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण का बड़ा मामला सामने आया है। मामला प्रॉपर्टी नंबर 4196, गली भगवती भवन, तेल मंडी चौक, पहाड़गंज, नई दिल्ली का है।
स्थानीय निवासी डिंपल अरोड़ा का आरोप है कि यहां ग्राउंड प्लस 5 मंजिला इमारत खड़ी कर दी गई है, जिसमें उनके मकान को क्षतिग्रस्त किया गया है। आरोप है कि यह निर्माण कार्य एमसीडी करोल बाग जोन और स्थानीय नेताओं के संरक्षण में हुआ है। इस अवैध निर्माण के खिलाफ पीड़ित डिंपल अरोड़ा ने तीस हजारी कोर्ट में केस (CS DJ No. 575/2025) दायर किया है। कोर्ट में एमसीडी को भी पार्टी बनाया गया है।
पीड़ित का कहना है कि उक्त प्रॉपर्टी पर “द युवान” नाम से अवैध बेड एंड ब्रेकफास्ट / होटल चल रहा है, जिसके बारे में राष्ट्रीय न्यूज चैनलों आजतक, जी न्यूज सहित अन्य चैनलों पर खबरें भी प्रसारित हो चुकी हैं।
कोर्ट में पेश MCD का लिखित जवाब क्या कहता है –
इस मामले में प्रतिवादी नंबर 3 / नगर निगम दिल्ली की ओर से अधिवक्ता कांता चौधरी के माध्यम से दिनांक 08.09.2026 को लिखित जवाब (Written Statement) के साथ शपथ पत्र दाखिल किया गया। कोर्ट है श्रीमती शगुन शर्मा, DJ-12, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट, तीस हजारी, नई दिल्ली।
MCD के करोल बाग जोन बिल्डिंग विभाग के AE (Bldg.) दीपक त्यागी द्वारा दिए गए हलफनामे के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं –
- बिल्डिंग प्लान स्वीकृत है: रिकॉर्ड के अनुसार प्रॉपर्टी नंबर 4196, वार्ड नंबर XV, तेल मंडी चौक, पहाड़गंज के लिए Sanction Building Plan No. 20004146 दिनांक 30.09.2023 श्रीमती अनीता के नाम से प्राप्त किया गया है। इसमें Stilt, Ground Floor, First Floor, Second Floor और Third Floor 111.24 वर्ग मीटर प्लॉट एरिया पर 90% ग्राउंड कवरेज और 350% FAR के साथ स्वीकृत है।
- मौका मुआयना में क्या मिला: संबंधित JE(B)/KBZ ने 02.09.2026 को प्रॉपर्टी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रॉपर्टी में Stilt, Ground Floor, First Floor, Second और Third Floor बना पाया गया और प्रॉपर्टी Occupied है। निरीक्षण के समय न तो कोई निर्माण गतिविधि चल रही थी और न ही कोई बिल्डिंग मटेरियल मौके पर पाया गया।
- अवैध नहीं है: MCD ने कहा कि निर्माण स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के बाद किया गया है, इसलिए इसे अनाधिकृत और अवैध नहीं माना जा सकता। कॉमन गली में कोई अतिक्रमण नहीं पाया गया।
- प्रारंभिक आपत्ति: MCD ने कहा कि वादी ने वैधानिक नोटिस नहीं दिया है इसलिए मुकदमा DMC Act की धारा 477/478 के तहत बाधित है और Order 7 Rule 11 CPC के तहत खारिज होने योग्य है।
- प्रार्थना: इन दलीलों के आधार पर MCD ने माननीय न्यायालय से वादी का मुकदमा हर्जे-खर्चे के साथ खारिज करने की प्रार्थना की है। यह हलफनामा 08 सितंबर 2026 को सत्यापित किया गया है।
पीड़ित के गंभीर आरोप –
वहीं पीड़ित पक्ष का आरोप है कि MCD का यह जवाब पूरी तरह झूठा है। उनका कहना है कि-
JE विपिन मान ने 2 सितंबर को झूठी जांच दिखाकर रिपोर्ट तैयार की और AE दीपक त्यागी ने कोर्ट में झूठा एफिडेविट दे दिया कि ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग है और ऊपर 3 फ्लोर बने हैं, जबकि हकीकत में ग्राउंड फ्लोर पर होटल का रिसेप्शन बना है और ऊपर 5 फ्लोर बने हुए हैं।
पीड़ित ने सवाल उठाया है कि क्या यह MCD करोल बाग जोन बिल्डिंग डिपार्टमेंट द्वारा बिल्डर को खुला संरक्षण देना नहीं है? क्या JE विपिन मान और AE दीपक त्यागी के विरुद्ध कोई विभागीय जांच होगी और क्या इन्हें सस्पेंड किया जाएगा?
अब इस मामले में अगली सुनवाई 23.11.2026 को होनी है। कोर्ट MCD के हलफनामे को किस रूप में लेता है और जमीनी हकीकत क्या है, यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।