नई दिल्ली: नागपुर से दिल्ली आए एक यात्री के लिए उस समय मुसीबत खड़ी हो गई जब वह गलती से ऑटोरिक्शा में ₹2.5 लाख नकद से भरा बैग छोड़कर उतर गया। ऑटो का नंबर तक याद न होने के बावजूद थाना महरौली की टीम ने चुनौती को स्वीकार किया और महज 10 घंटे के भीतर न सिर्फ ऑटो को ट्रेस किया बल्कि पूरी रकम भी बरामद कर ली।
यह सफल ऑपरेशन ACP महरौली सुश्री योगिता शर्मा के निकट पर्यवेक्षण और SHO थाना महरौली इंस्पेक्टर विजय पाल दहिया के नेतृत्व में HC सुरेंद्र और Ct. संजय की टीम द्वारा अंजाम दिया गया।
अनंत मित्तल डीसीपी साउथ डिस्ट्रिक्ट के मुताबिक बीते 10.अगस्त.2026 को थाना महरौली में एक बैग खोने की सूचना प्राप्त हुई। शिकायतकर्ता को केवल इतना याद था कि वह अपना बैग ऑटो में भूल गया है, लेकिन वह ऑटो का रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं बता पा रहा था।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित रूट और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज का बारीकी से विश्लेषण शुरू किया। घंटों की कड़ी मेहनत और सिस्टमैटिक सर्च के बाद टीम ने संदिग्ध ऑटो को ट्रेस कर उसके मालिक का पता लगा लिया।
ऑटो की तलाशी लेने पर खोया हुआ बैग यात्री सीट के पीछे सुरक्षित रखा हुआ मिला। ऑटो चालक को भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि कोई बैग उसकी गाड़ी में छूट गया है। बैग बरामद कर सूरज को सौंप दिया गया। जिसमें ₹2,50,000/- नकद और यात्री के अन्य सामान था।
थाना महरौली के स्टाफ की त्वरित प्रतिक्रिया, लगातार CCTV विश्लेषण और समर्पित प्रयासों से खोए हुए बैग और पूरी नकदी की 10 घंटे के भीतर बरामदगी संभव हो सकी।
यह पहल “दिल्ली पुलिस – दिल की पुलिस” की भावना को दर्शाती है, जहां पुलिसिंग केवल अपराध रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि मुसीबत में फंसे नागरिकों और आगंतुकों को समय पर सहायता और राहत प्रदान करना भी है।
यह प्रयास “अतिथि देवो भव:” की भावना को भी चरितार्थ करता है, यह सुनिश्चित करता है कि दिल्ली आने वाले आगंतुक खुद को सुरक्षित, सम्मानित और स्वागत योग्य महसूस करें।