रविन्द्र गोयल न्यासी एवं अतिरिक्त प्रबंधक ने बताया कि शारदीय नवरात्र के सातवें दिन आदि शक्तिपीठ झण्डेवाला देवी मंदिर में माँ के सप्तम स्वरूप – माँ “कालरात्रि” की पूजा–अर्चना व श्रृंगार विधिवत किया गया l माँ का यह स्वरूप अति भयावना है किंतु यह अपने उपासकों को सदैव शुभ फल देने वाला है l दुष्ट, दानव, दैत्य, भूत, प्रेत इनके स्मरण मात्र से ही भयभीत होकर भाग जाते हैं l
प्रात: 4.00 बजे से रात्रि 12.00 बजे तक के सारे कार्यकर्मों का सीधा प्रसारण झण्डेवाला देवी मंदिर यूट्यूब चैनल, वेबसाइट, फेसबुक पर किया गया l
निशुल्क मेंहदी, चाय शर्बत और मदर/अमूल डेयरी के स्टाल का भक्त लोग भरपूर आनंद उठा रहे हैं।
प्रतिदिन लगभग एक लाख श्रद्धालु दर्शन हेतु आ रहे हैं और हमारे हजारों सेवादार, कर्मचारी सभी व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से चला रहे हैं।
आज मंदिर में विभिन्न भजन कीर्तन मंडलियों द्वारा मां का गुणगान किया गया।
इस बार एक नवरात्र अधिक होने के कारण कल भी सप्तम स्वरूप की है पूजा अर्चना विधि विधान से की जाएगी।
प्रात : 4.00 बजे से रात्रि 12.00 बजे तक मंदिर में होने वाले सभी कार्यकर्मों का सीधा प्रसारण मंदिर के यूट्यूब चैनल, वेबसाइट व फेसबुक पर किया गया। आज मंदिर में प्रतिदिन की तरह प्रात: 9.00 बजे से देर रात्रि तक विभिन्न कीर्तन मंडलियों द्वारा महामाई का गुणगान किया गया।