नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी जिले के ज्योति नगर थाना पुलिस ने फिरौती के लिए अपहरण के मामले को महज 2 से 3 घंटे में सुलझाते हुए 13 साल के नाबालिग को सकुशल बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या था मामला –
30 अक्टूबर 2026 को शाम 7:14 बजे ज्योति नगर थाने में एक महिला ने शिकायत दी कि उसका 13 साल का बेटा सामान लेने गया था और लौटा नहीं। कुछ देर बाद एक अज्ञात नंबर से 40,000 रुपये की फिरौती के लिए कॉल आया। सूचना पर ASI गजराज सिंह और HC अमित तोमर मौके पर पहुंचे और FIR No. 488/2026, धारा 140(2) BNS के तहत केस दर्ज किया गया।
कैसे पकड़ा गया आरोपी –
SHO इंस्पेक्टर प्रवेश कसाना के नेतृत्व में और ACP गोपीकलपुरी तनवीर अशरफ की देखरेख में टीम बनाई गई। तकनीकी निगरानी और CCTV खंगाले गए।
आरोपी ने नकद की जगह UPI से पैसे मांगे और एक बारकोड भेजा। पुलिस ने एक अधिकारी के खाते से 5,000 रुपये उस बारकोड पर ट्रांसफर किए। जांच में वह बारकोड करावल नगर के एक साइबर कैफे संचालक सुनील सैनी का निकला। पूछताछ में कैफे मालिक ने बताया कि 21-22 साल का एक युवक एक बच्चे के साथ आया था और 50 रुपये कमीशन पर अपना UPI बारकोड इस्तेमाल करवाया।
CCTV में शिकायतकर्ता ने अपने बेटे की पहचान की। पुलिस ने दोबारा 5,000 रुपये का ट्रांजेक्शन किया। जैसे ही आरोपी बच्चे के साथ कैश लेने कैफे पहुंचा, पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया।
आरोपी – आकाश (22 वर्ष), पुत्र दयानंद, निवासी लोनी, उत्तर प्रदेश। वह सदर बाजार में डिलीवरी हेल्पर का काम करता है और पीड़ित को उसके चचेरे भाई के जरिए जानता था। बहला-फुसलाकर स्कूटी पर ले गया था।
बरामदगी –
- फिरौती के 5,000 रुपये नकद 2. वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन 3. अपहरण में इस्तेमाल स्कूटी
पुलिस का कहना है कि त्वरित कार्रवाई, तकनीकी सर्विलांस और CCTV की मदद से बच्चे को सुरक्षित बचाया जा सका। आगे की जांच जारी है।