ड्रग्स सिंडिकेट के खिलाफ दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई की है. 2021 के बहुचर्चित 358 किलो हेरोइन रिकवरी मामले में फरार चल रहे वांटेड आरोपी प्राभदीप सिंह को स्पेशल सेल की टीम अजरबैजान (Azerbaijan) की राजधानी बाकू से पकड़कर भारत वापस ले आई है। स्पेशल सेल की तीन सदस्यीय टीम इस अहम ऑपरेशन को अंजाम देकर उसे दिल्ली लेकर पहुंची है।
पुलिस के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले इस ड्रग सिंडिकेट का अहम सदस्य प्राभदीप सिंह साल 2023 में ही भारत छोड़कर फरार हो गया था. तभी से सुरक्षा एजेंसियां उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थीं।
जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि प्राभदीप, विदेश में बैठे ड्रग सिंडिकेट के मुख्य सरगना नवप्रीत सिंह उर्फ ‘नव’ का करीबी रिश्तेदार है। प्राभदीप भारत में बैठकर उसके पूरे ड्रग नेटवर्क को संभालता था. उसका मुख्य काम पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय गिरोह के गुर्गों तक निर्देश पहुंचाना, नशीले पदार्थ की खेप की निगरानी करना और अन्य आरोपियों के साथ सीधा संपर्क बनाए रखना था।
इस पूरे ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश साल 2021 में हुआ था. उस वक्त स्पेशल सेल को एक गुप्त सूचना मिली थी कि रिजवान अहमद नाम का एक शख्स दिल्ली समेत कई राज्यों में बड़े पैमाने पर ड्रग्स सप्लाई कर रहा है।इसके बाद पुलिस ने साउथ दिल्ली के घिटोरनी इलाके में छापेमारी की और रिजवान को 1 किलो हेरोइन के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में रिजवान से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद सहित कई अन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की और अलग-अलग जगहों से भारी मात्रा में यानी कुल 358 किलो हेरोइन बरामद की।
पुलिस के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग केस में अब तक एक अफगान नागरिक सहित कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इन सभी के खिलाफ फिलहाल अदालत में मुकदमा चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्राभदीप सिंह की इस अहम गिरफ्तारी के बाद अब उससे गहन पूछताछ की जाएगी. उम्मीद है कि इस पूछताछ से इस पूरे अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क, फंडिंग और स्लीपर सेल के बारे में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।