वरिष्ठ पत्रकार अशोक निर्भय / मणि आर्य की खास रिपोर्ट
आज के दौर में पैसा किस तरह रिश्तों को तोड़ देता है और दोस्ती को दुश्मनी में बदल देता है, इसका एक ताजा और चौंकाने वाला मामला दिल्ली के यमुना विहार से सामने आया है। यहां पैसों के लेनदेन को लेकर दो दोस्तों के बीच शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक दोस्त ने अपने साथियों के साथ मिलकर दूसरे की जान लेने की कोशिश कर डाली।
परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, वैभव नामक युवक का अपने दोस्त मुकुल जैन के साथ पैसों का लेनदेन था। वैभव को मुकुल से अपनी रकम वापस लेनी थी, लेकिन मुकुल लगातार पैसे देने में टालमटोल कर रहा था। इसी बीच एक दिन मुकुल जैन वैभव के घर पहुंचा और उसे बहला-फुसलाकर अपने कुछ साथियों के साथ उत्तराखंड के कालाढूंगी ले गया। बताया जा रहा है कि वहां रात के समय एक बार फिर पैसे को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई।
देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और मुकुल जैन ने अपने साथियों हजारी लाल और राहुल गौतम के साथ मिलकर वैभव पर हमला कर दिया। आरोप है कि तीनों ने मिलकर वैभव को बेरहमी से पीटा, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई और वह बुरी तरह घायल हो गया। घटना के बाद आरोपी वैभव को अधमरा हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए।
अगले दिन 9 अप्रैल 2026 की सुबह जब इस घटना की जानकारी वैभव के ड्राइवर को हुई तो वह उसे तुरंत दिल्ली स्थित उसके घर लेकर आया। घर पहुंचने पर वैभव की पत्नी सृष्टि ठाकुर ने जब उसकी हालत देखी तो वह उसे तुरंत सर गंगा राम अस्पताल लेकर गईं। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया, जहां हालत बिगड़ने पर उसे वेंटिलेटर पर शिफ्ट करना पड़ा। फिलहाल वैभव की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और वह अब भी वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
इस मामले में पुलिस ने उत्तराखंड के कालाढूंगी थाने में मुकुल जैन, हजारी लाल और राहुल गौतम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी हजारी लाल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी मुकुल जैन, जो दिल्ली के गंगोत्री विहार गोंडा का रहने वाला बताया जा रहा है, और उसका साथी राहुल गौतम, जो मुरादाबाद का निवासी है, अभी तक फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
हालांकि घटना को करीब 25 दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपियों का पुलिस गिरफ्त से बाहर होना कई सवाल खड़े करता है। यह जांच का विषय बन गया है कि आखिर इतने गंभीर मामले में भी आरोपी अब तक क्यों नहीं पकड़े जा सके।
इस पूरे मामले में वैभव की पत्नी सृष्टि ठाकुर ने न्याय की मांग करते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की अपील की है। वहीं वैभव के मामा डॉ. त्रिलोक चंद, जो एसएसबी के रिटायर्ड डीआईजी रह चुके हैं, ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। कानूनी जानकार और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह ने भी कहा कि इस तरह के गंभीर मामलों में फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी जरूरी है, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और कानून का भय बना रहे।