टीबी से जुड़े सवाल – डॉ. एस.के. अरोड़ा के साथ : तंबाकू कैसे छोड़ें

स्वस्थ जीवन की ओर आसान कदम

जानिए जरूरी सवाल और जवाब

प्रश्न 1: तंबाकू छोड़ना क्यों जरूरी है?

तंबाकू हर वर्ष विश्व में 80 लाख से अधिक लोगों की जान लेता है, जबकि भारत में लगभग 13.5 लाख मौतें तंबाकू से जुड़ी होती हैं।
तंबाकू छोड़ने से – टीबी,
फेफड़ों की बीमारी,कैंसर,हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा कम होता है।
इससे सांस लेने की क्षमता और जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।

प्रश्न 2: क्या तंबाकू छोड़ने में कभी देर हो जाती है?
नहीं। तंबाकू छोड़ने में कभी देर नहीं होती।
तंबाकू छोड़ने के कुछ घंटों के भीतर ही शरीर में सुधार शुरू हो जाता है।

प्रश्न 3: तंबाकू छोड़ने का पहला कदम क्या है?
एक निश्चित “Quit Date” तय करें। अगले 1–2 सप्ताह के भीतर की तारीख चुनें और मानसिक रूप से तैयार हों।

प्रश्न 4: लोग तंबाकू छोड़ने में असफल क्यों हो जाते हैं?
मुख्य कारण हैं – निकोटिन की लत, तनाव, दोस्तों का प्रभाव,आदत,
और सहयोग की कमी। लेकिन बार-बार प्रयास करने से सफलता की संभावना बढ़ती है।

प्रश्न 5: “Triggers” क्या होते हैं?
ऐसी परिस्थितियाँ जो तंबाकू की इच्छा बढ़ाती हैं, जैसे चाय या कॉफी, तनाव, शराब, धूम्रपान करने वाले मित्र, धूम्रपान की दुकानें, अकेलापन, या कुछ दैनिक आदतें।

प्रश्न 6: तंबाकू छोड़ने वाले दिन क्या करना चाहिए?
उस दिन सिगरेट, बीड़ी, गुटखा आदि फेंक दें, लाइटर और ऐशट्रे हटाएं, धूम्रपान करने वालों से दूरी रखें, और स्वयं को व्यस्त रखें।

प्रश्न 7: तलब (Craving) को कैसे नियंत्रित करें?
तलब सामान्यत कुछ मिनटों में कम हो जाती है। इसके लिए पानी पिएं, गहरी सांस लें, टहलें,शुगर-फ्री च्यूइंग गम लें, ध्यान करें, या किसी से बात करें।

प्रश्न 8: क्या दवाइयाँ मदद कर सकती हैं?
हाँ। डॉक्टर की सलाह से
निकोटिन गम, लोजेंज, पैच,और कुछ दवाइयाँ तंबाकू छोड़ने में मदद कर सकती हैं। परंतु इन दवाओं का सेवन डॉक्टर की निगरानी में ही करना चाहिए ।

प्रश्न 9: परिवार का सहयोग क्यों जरूरी है?
परिवार का समर्थन व्यक्ति को प्रेरित करता है और दोबारा शुरुआत की संभावना कम करता है।

प्रश्न 10: अगर व्यक्ति दोबारा तंबाकू शुरू कर दे तो?
यह असफलता नहीं है।
कई लोग कई प्रयासों के बाद स्थायी रूप से तंबाकू छोड़ पाते हैं।
प्रयास जारी रखना चाहिए।

प्रश्न 11: तंबाकू और टीबी का क्या संबंध है?
तंबाकू फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है और प्रतिरोधक क्षमता कम करता है। तंबाकू सेवन करने वालों में टीबी होने का खतरा,
संक्रमण फैलने का खतरा,
और इलाज खराब होने की संभावना अधिक होती है।

प्रश्न 12: मुख्य जनस्वास्थ्य संदेश क्या है?
तंबाकू खत्म करें → टीबी खत्म करें → जीवन बचाएं

प्रश्न 13: भारत में सहायता कहाँ मिल सकती है?
राष्ट्रीय तंबाकू Quitline:
📞 1800-11-2356
विशेषज्ञ सलाह और काउंसलिंग तंबाकू छोड़ने में मदद कर सकती है।

          *निष्कर्ष*

डॉ. एस.के. अरोड़ा के अनुसार बार-बार प्रयास करने से सफलता की संभावना बढ़ती है।तंबाकू छोड़ने के कुछ घंटों के भीतर ही शरीर में सुधार शुरू हो जाता है। कुछ महीनों और सालों मे कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है I निकोटिन और तंबाकू की लत को रोकना केवल कैंसर और हृदय रोगों के लिए ही नहीं, बल्कि टीबी मुक्त भारत के लिए भी आवश्यक है तंबाकू पदार्थों के भ्रामक आकर्षक पैकेजिंग और फ्लेवर के पीछे गंभीर लत और बीमारी छिपी होती है। । टीबी और तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रमों को साथ मिलकर चलना जरूरी है। यही टीबी मुक्त भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा ।

डॉ. एस.के. अरोड़ा
सीनियर चेस्ट विशेषज्ञ,कंसल्टेंट,
पूर्व दिल्ली स्टेट टीबी हेड, दिल्ली सरकार (डब्ल्यूएचओ द्वारा सम्मानित)
TB Expert | Tobacco Control Advocate | Public Health (India)

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