महाधरने में ममता बनर्जी के साथ मंच साझा करने के लिए मात्र 7 विधायक और मुट्ठी भर सांसद

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले और अपनी पार्टी के नेताओं की सुरक्षा को लेकर कोलकाता के रानी रासमणि एवेन्यू में सड़कों पर उतरीं ममता बनर्जी खुद को अपनी ही पार्टी के भीतर अकेला पा रही हैं। मंगलवार 2 जून को आयोजित इस ‘महाधरने’ ने टीएमसी के भीतर चल रहे भयंकर अंतर्विरोध को पूरी दुनिया के सामने उजागर कर दिया। जिस पार्टी के पास विधानसभा में 80 विधायक और संसद में 29 सांसद हैं, उसके महाधरने में ममता बनर्जी के साथ मंच साझा करने के लिए मात्र 7 विधायक और मुट्ठी भर सांसद पहुंचे।

यह राजनीतिक संकट तब और गहरा गया जब पार्टी से हाल ही में निकाले गए मुखर नेता रिजू दत्ता ने एक सनसनीखेज दावा कर दिया. रिजू दत्ता के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस अब औपचारिक रूप से दो धड़ों में बंटने की कगार पर खड़ी है. उन्होंने दावा किया कि टीएमसी के 80 में से 50 से अधिक विधायक एक साथ आकर खुद को ‘असली तृणमूल कांग्रेस’ घोषित करने की अंतिम तैयारी कर रहे हैं. यदि यह दावा सच साबित होता है, तो बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी के युग का यह सबसे दर्दनाक अंत हो सकता है, जहां उनके अपने ही सिपहसालार उन्हें मझधार में छोड़कर नई राह पकड़ रहे हैं। मंगलवार को जब ममता बनर्जी ने अपनी पूरी राजनीतिक ताकत झोंकने के लिए रानी रासमणि एवेन्यू को चुना, तो यह संख्या 20 से घटकर मात्र 7 विधायकों पर सिमट गई।

73 विधायकों और अधिकांश सांसदों का इस तरह दीदी के सबसे बड़े आंदोलन से दूरी बना लेना यह साफ संकेत देता है कि टीएमसी के भीतर ‘अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व’ और ‘आई-पैक’ की कार्यशैली को लेकर कितना गहरा आक्रोश व्याप्त है।

ममता बनर्जी के इस धरने को रोकने के लिए कोलकाता पुलिस ने सुरक्षा और अनुमति का हवाला देते हुए परमिशन खारिज कर दी थी. इस प्रशासनिक रोक के बाद बंगाल का सियासी घमासान और उग्र हो गया. ममता बनर्जी ने नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार को ललकारते हुए साफ कहा कि उन्हें डराकर चुप नहीं कराया जा सकता।

“वे सोचते हैं कि पुलिस के दम पर वे मेरी आवाज को दबा देंगे. मैं साफ कह देना चाहती हूं कि मैं मर जाऊंगी, लेकिन यहीं धरना दूंगी. अगर मुझे कोलकाता में लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने से रोका गया, तो मैं इस आंदोलन को देश की राजधानी दिल्ली तक लेकर जाऊंगी. हम बिना माइक और बिना मंच के भी जनता की अदालत में बैठना जानते हैं.” – ममता बनर्जी, सुप्रीमो (TMC) ममता बनर्जी ने धरना स्थल से बेहद भावुक रुख अपनाते हुए प्रसिद्ध भजन की पंक्तियां, “ईश्वर अल्लाह तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान” का जाप किया. उन्होंने भाजपा और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर सीधे तौर पर टीएमसी को पैसे और सत्ता के बल पर तोड़ने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जो लोग आज पार्टी छोड़कर भाग रहे हैं, वे कायर हैं और इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।

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