नई दिल्ली, 20 जुलाई। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP / कॉजपा) का अनिश्चितकालीन धरना रविवार को 23वें दिन भी जारी रहा था लेकिन फिलहाल समाप्त किया जा चुका है। । परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार की जवाबदेही की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया जा रहा था।
इसी धरने के समर्थन में प्रसिद्ध शिक्षाविद और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक का अनशन भी जारी है। वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे जो फिलहाल दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दाखिल है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार 20 जुलाई दोपहर 3 बजे तक उनका अनशन 23वें दिन में प्रवेश कर गया था। इससे पहले 9वें दिन तक उनका वजन 6.9 किलोग्राम कम होने का दावा किया गया था।
स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन
CJP नेताओं ने बताया कि शांतिपूर्ण विरोध की शुरुआत 6 जून को हुई थी, जिसके बाद देश के अलग-अलग शहरों में सभाएं की गईं। 20 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया था जो 20 जुलाई को हिंसक रूप ले चुका था।। इसी बीच रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को लिखित ज्ञापन सौंपा। पार्टी का कहना है कि यह ज्ञापन हाल ही में उनके सरकारी आवास पर हुई चर्चा के बाद दिया गया है।
ज्ञापन में CJP ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री के तौर पर विफल रहे हैं और NEET 2026 पेपर लीक सहित कई परीक्षा गड़बड़ियों, CBSE 12वीं पोर्टल की अव्यवस्था और CUET परीक्षा में देरी के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। पार्टी ने अपने रिकॉर्ड के हवाले से दावा किया है कि पेपर लीक के कारण 21 छात्रों ने आत्महत्या की है।
आंदोलन के बीच CJP ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च का ऐलान किया था। लेकिन इस संसद मार्च की ना तो कोई इजाजत ली गई थी ,ना पुलिस द्वारा कोई इजाजत दी गई थी। पुलिस की ओर से पूरे जिले में धरना स्थल को छोड़कर धारा 163 लगा दी गई थी। सोनम वांगचुक ने भी लोगों से 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल होने की अपील की थी। लेकिन आयोजकों द्वारा धारा 163 की अवहेलना करते हुए सभी आंदोलनकारी संसद की ओर कूच करने लगे, पुलिस द्वारा रोके जाने के बावजूद ना रुके और हिंसक प्रदर्शन करने लगे।
प्रदर्शन के दौरान उनका कहना है कि यह संघर्ष शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने, NTA को खत्म करने और नई शिक्षा नीति को वापस लेने की मांग को लेकर है।
CJP की तीन बड़ी मांगें
मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन में तीन मांगें रखी गई हैं –
- सोनम वांगचुक को बिना किसी प्रतिबंध के तत्काल रिहा किया जाए और उनके आने-जाने पर कोई रोक न लगाई जाए।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा / बर्खास्तगी की जाए।
- NEET 2026 पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले सभी NEET अभ्यर्थियों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
ज्ञापन में दिल्ली पुलिस पर भी आरोप लगाया गया है कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग कर रही है। CJP ने मांग की है कि पुलिस बल प्रयोग तुरंत बंद करे, क्योंकि उनकी मांगें वैध हैं और देश के युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप हैं।