बाल कल्याण के प्रति समर्पण, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए, रोहिणी जिला पुलिस ने चल रहे “ऑपरेशन मिलाप” के तहत एक बच्ची को उसके परिवार से सफलतापूर्वक मिलाया। यह कार्रवाई निरीक्षक विजय समारिया, SHO/अमन विहार के नेतृत्व और श्री अजय वेदवाल, ACP/अमन विहार के पर्यवेक्षण में की गई, जिन्होंने मामले में त्वरित कार्रवाई, प्रभावी समन्वय और बारीकी से फॉलो-अप सुनिश्चित किया।
शशांक जायसवाल, IPS, पुलिस उपायुक्त, रोहिणी जिला के मुताबिक,दिनांक 16.06.2026 को थाना अमन विहार में किराड़ी, रोहिणी से एक बारह वर्षीय बच्ची के लापता होने की सूचना प्राप्त हुई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए और बच्ची को सुरक्षित बरामद करने हेतु ASI राजवीर, HC विकास, CT अनिल और W/Ct शशि की एक टीम गठित कर तत्काल गहन तलाश अभियान शुरू किया गया। आसपास के क्षेत्रों में तलाशी ली गई और लापता बच्ची का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास किए गए।
जांच के दौरान, तकनीकी निगरानी की मदद से लापता बच्ची का पता शुरू में दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन के पास लगाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए SHO अमन विहार ने दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन के SHO से समन्वय किया और स्टेशन के आसपास तलाश तेज की गई। पुलिस टीम ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) से समन्वय कर बच्ची की तस्वीरें और विवरण साझा किए।
त्वरित कार्रवाई, प्रभावी समन्वय, तकनीकी विश्लेषण और निरंतर निगरानी के माध्यम से, पुलिस ने रिपोर्ट के 04 घंटे के भीतर पटौदी रोड रेलवे स्टेशन से बच्ची को सुरक्षित रूप से ढूंढकर बरामद कर लिया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नाबालिग को उसके माता-पिता से मिलाया गया।
“ऑपरेशन मिलाप” लापता बच्चों का पता लगाने और उन्हें उनके परिवारों से मिलाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल बनी हुई है, जो दिल्ली पुलिस के मानवीय और समुदाय-उन्मुख दृष्टिकोण को दर्शाती है।
रोहिणी जिला पुलिस हर बच्चे की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के अपने मिशन के लिए प्रतिबद्ध है और नागरिकों से अनुरोध करती है कि वे लापता बच्चों के मामलों की तुरंत सूचना दें ताकि समय पर कार्रवाई शुरू की जा सके।