दिल्ली पुलिस के करोल बाग थाने ने बेरिया गैंग के दो शातिर सेंधमारों को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। इनमें एक भगोड़ा अपराधी यानी प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर और एक गैर-जमानती वारंट में वांछित आरोपी शामिल है। इनकी गिरफ्तारी से चोरी के तीन पुराने मामले सुलझ गए हैं।
20 जून 2026 को एएसआई संजीव, हेड कांस्टेबल मक्खन, हेड कांस्टेबल राजा राम, कांस्टेबल कमलजीत और कांस्टेबल खुशाल की टीम को बापा नगर इलाके में दोनों वांछित सेंधमारों के होने की गुप्त सूचना मिली। टीम ने तकनीकी निगरानी और लोकल इनपुट के आधार पर तुरंत जाल बिछाया। एसीपी करोल बाग की देखरेख में बापा नगर में छापेमारी कर दोनों को धर दबोचा गया। इसमें से एक साल 2015 में करोल बाग में एक दुकान से 10 मोबाइल फोन चोरी के मामले FIR 838/2015 में आरोपी था। गिरफ्तारी के बाद मुकदमे के दौरान फरार हो गया था। 8 दिसंबर 2025 को कोर्ट ने इसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। यह राजिंदर नगर थाने के FIR 244/2018 में भी भगोड़ा घोषित है और दूसरा शेख मेहताब, करोल बाग के FIR 535/2025 में रात के समय घर से गहने चोरी के मामले में वांछित था। कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद भी पेश नहीं हो रहा था। यह ई-एफआईआर 80014477/2026, थाना करोल बाग में बिडनपुरा के एक मकान से सोने-चांदी के गहने चोरी में भी वांछित था।
पूछताछ में दोनों ने कई चोरियों में शामिल होने की बात कबूली। शेख मेहताब ने बताया कि वह बेरिया गैंग का सक्रिय सदस्य है। यह गैंग रात के समय बंद मकानों को निशाना बनाकर सेंधमारी करता था। मोहित पटेल नगर थाने में दर्ज रात की चोरी के पांच मामलों समेत कुल सात मामलों में शामिल पाया गया है।
पुलिस उपायुक्त सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट रोहित राजबीर सिंह, आईपीएस ने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी से लंबित चोरी के मामलों को निपटाने में मदद मिलेगी। दिल्ली में सक्रिय आदतन सेंधमारों की गतिविधियों पर भी लगाम लगेगी। आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।