नई दिल्ली, 20 जून 2026: मध्य जिला साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन रेंटल स्कैम में एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के बैंक खाते में ठगी के 34,999 रुपये जमा हुए थे। पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
रोहित राजवीर सिंह डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के मुताबिक करोल बाग निवासी विवेक चावला ने अपना फ्लैट किराए पर देने के लिए एक ऑनलाइन प्रॉपर्टी पोर्टल पर विज्ञापन डाला था। इसके बाद उन्हें “आशीष कुमार पहाड़ी” नाम के व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को भारतीय सेना का सूबेदार बताकर फ्लैट किराए पर लेने की इच्छा जताई और डील फाइनल कर ली।
भुगतान के बहाने आरोपी ने शिकायतकर्ता से यूपीआई डिटेल मांगी और वेरिफिकेशन के लिए 1 रुपये भेजने को कहा। इसके बाद आरोपी ने PhonePe पर 34,999 रुपये का “Request Money” रिक्वेस्ट भेजा और उसे पेमेंट आने का मैसेज बताकर गुमराह किया। शिकायतकर्ता ने रिक्वेस्ट स्वीकार कर यूपीआई पिन डाल दिया, जिससे उनके खाते से 34,999 रुपये कटकर आरोपी के खाते में ट्रांसफर हो गए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर योगराज दलाल और एसएचओ इंस्पेक्टर संदीप पंवार की देखरेख में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम में एसआई कपिल कुमार, हेड कांस्टेबल क्रांति, हेड कांस्टेबल रविकांत और कांस्टेबल जतिन शामिल थे।
टीम ने दिल्ली, हापुड़, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में तकनीकी और फील्ड जांच की। बैंक ट्रांजैक्शन, डिजिटल फुटप्रिंट और तकनीकी निगरानी से पता चला कि ठगी की रकम हिमांशु मोंडल के नाम से केनरा बैंक के खाते में गई थी।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम 18 जून 2026 को गुरुग्राम के सेक्टर-7 पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी हिमांशु मोंडल ने साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने की बात कबूली है। पुलिस अब उस व्यक्ति की तलाश कर रही है जिसने आर्मी अफसर बनकर ठगी को अंजाम दिया। पूरे षड्यंत्र और अन्य लाभार्थियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों को ऑनलाइन प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म पर अज्ञात लोगों से लेन-देन करते समय सतर्क रहने की सलाह दी है। ठग अक्सर सेना के जवान, सरकारी अधिकारी बनकर भरोसा जीतते हैं और धोखाधड़ी करते हैं।
नागरिक ये सावधानियां बरतें:
- अज्ञात QR कोड कभी स्कैन न करें। • अजनबियों के पेमेंट कलेक्ट रिक्वेस्ट को मंजूरी न दें। • कॉल, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर मिले वित्तीय निर्देशों का बिना जांचे पालन न करें। • किरायेदार या खरीदार की पहचान स्वतंत्र रूप से सत्यापित करें। • किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करें।
दिल्ली पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है और नागरिकों से ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सतर्क रहने की अपील करती है।