राजा बांठिया, आईपीएस,पुलिस उपायुक्त , उत्तर जिला ने बताया कि मुनव्वर खान निवासी संत नगर, बुराड़ी, दिल्ली में प्रॉपर्टी डीलर का काम करता था। उसके परिवार में दो बेटे व दो बेटियों सहित चार बच्चे थे। वर्ष 2014 में आरोपी साहेब खान उर्फ बंटी निवासी अलीपुर, दिल्ली उसके पास आया और उसके कार्यालय में काम करने लगा। वर्ष 2016 में मुनव्वर खान दुष्कर्म के एक मामले में जेल चला गया। इसके बाद साहेब खान ने मुनव्वर की संपत्तियों को हड़पने के लिए उसके पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रची।
पहले वह मुनव्वर की पत्नी व दोनों बेटियों को दुष्कर्म मामले की शिकायतकर्ता से समझौता कराने के बहाने मवाना, मेरठ, यूपी ले गया। वहां पहुंचकर साहेब खान ने अपने साथियों के साथ मिलकर मुनव्वर की पत्नी व बेटियों की गोली मारकर हत्या कर दी और शवों को मवाना की नहर में दफना दिया। दिल्ली लौटकर उसने मुनव्वर के दोनों बेटों को उसकी एक प्रॉपर्टी पर बुलाया, जहां गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी और शवों को पहले से खोदे गए गड्ढों में दफना दिया।
उधर, जब मुनव्वर की पत्नी कई दिन तक उससे मिलने जेल नहीं गई तो थाना बुराड़ी में FIR संख्या 243/17 के तहत अपहरण का मामला दर्ज किया गया। बाद में मुनव्वर खान को अपने अपहृत परिजनों को ढूंढने के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत मिली। अगले ही दिन साहेब खान अपने साथियों के साथ मुनव्वर के घर पहुंचा और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। उसके साथी मौके से फरार हो गए और साहेब खान ने पुलिस को बताया कि किसी ने मुनव्वर की हत्या कर दी है। पूछताछ में सख्ती बरतने पर साहेब खान ने खुलासा किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मुनव्वर के परिवार के सभी छह सदस्यों की हत्या की है। इसके बाद अपहरण के मामले में हत्या की धाराएं जोड़ी गईं और मुनव्वर की हत्या में FIR संख्या 245/17 थाना बुराड़ी में दर्ज कर साहेब खान व अन्य को गिरफ्तार किया गया।
दिनांक 14.10.2025 को आरोपी साहेब खान को बहन की शादी के आधार पर 15 दिन की अंतरिम जमानत मिली थी। लेकिन जमानत अवधि खत्म होने के बाद उसने जेल में सरेंडर नहीं किया और दोनों मामलों में ट्रायल से बचने के लिए फरार हो गया। इसके बाद दिनांक 05.05.2026 को माननीय एएसजे, तीस हजारी कोर्ट, दिल्ली द्वारा उसे दोनों मामलों में भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया गया।
फरार आरोपी को पकड़ने के लिए इंस्पेक्टर गिरीश चंद्र रतूड़ी, एसएचओ/थाना बुराड़ी की देखरेख व श्री शशिकांत गौड़, एसीपी/बुराड़ी के मार्गदर्शन में ASI सुमित, HC पुनीत और HC रोहित की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने गुप्त मुखबिरों को सक्रिय कर आरोपी की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए और तकनीकी निगरानी भी शुरू की।
दिनांक 14.06.2026 को टीम को सूचना मिली कि आरोपी साहेब खान उर्फ बंटी अपने साथियों के साथ नाथूपुरा चौक, बुराड़ी, दिल्ली के पास आने वाला है। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रणनीतिक जाल बिछाया। 14.06.2026 की शाम को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी साहेब खान उर्फ बंटी ने खुलासा किया कि अंतरिम जमानत अवधि पूरी होने के बाद उसने सरेंडर नहीं किया और अलग-अलग जगहों पर छिपता रहा। जनवरी 2026 में उसके पिता की मृत्यु हो गई जो कोर्ट के मामलों में उसकी मदद करते थे और कानूनी मदद के लिए कोई नहीं बचा। इसके बाद पुलिस से बचने के लिए वह टीडीआई सिटी, सोनीपत में किराए के कमरे में रहने लगा। वह मुनव्वर खान की संपत्तियों की देखरेख के लिए कभी-कभार नाथूपुरा, बुराड़ी आता था।