नई दिल्ली, 12 जुलाई।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल (AEKC) ने लग्जरी गाड़ियां चुराने वाले अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पंजाब और राजस्थान के दो बड़े रिसीवरों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके कब्जे से 12 हाई एंड लग्जरी कारें बरामद हुई हैं। सभी गाड़ियों पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी और फर्जी आरसी तैयार की गई थी।
कैसे हुआ खुलासा
डीसीपी क्राइम ब्रांच संजीव कुमार यादव के निर्देशन और एसीपी पंकज अरोड़ा की देखरेख में इंस्पेक्टर दलीप कुमार और इंस्पेक्टर प्रियंका के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। टीम में एसआई सौम्या, एसआई अंकुर, एसआई अशोक कुमार, एसआई विजय कुमार, एसआई संजय, हेड कांस्टेबल विनीत और सोमेश शामिल थे।
टीम ने दिल्ली में लग्जरी गाड़ियों की चोरी की घटनाओं का पैटर्न, समय और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि आरोपी आधी रात को वारदात को अंजाम देते थे और कुछ ही मिनटों में गाड़ी का लॉक तोड़कर स्टार्ट कर फरार हो जाते थे।
इसी दौरान 7 जून 2026 को गुप्त सूचना पर एफआईआर नंबर 6582/26 थाना प्रशांत विहार की जांच के सिलसिले में एक आरोपी गुरविंदर सिंह बैंका पुत्र राम सिंह, निवासी जिला तरनतारन, पंजाब (उम्र 37 साल) को पूर्वी दिल्ली के क्राउन प्लाजा होटल के पीछे एमसीडी पार्किंग से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से चोरी की क्रेटा कार बरामद हुई, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी और एक फर्जी आरसी भी मिली।
पूछताछ में उगला राज, राजस्थान से दूसरा आरोपी दबोचा
पूछताछ में गुरविंदर ने बताया कि वह चोरी की गाड़ियों का रिसीवर है और उन्हें अमृतसर व लुधियाना में बेचता है। वह गाड़ियां बीकानेर, राजस्थान निवासी दशरथ से लेता था। उसकी निशानदेही पर 10 दिन के रिमांड के दौरान अमृतसर और तरनतारन में छापेमारी कर कई और गाड़ियां बरामद की गईं।
बाद में पुलिस ने ओसियां टोल टैक्स, जोधपुर से दूसरे आरोपी दशरथ बिश्नोई पुत्र भंवर लाल बिश्नोई, निवासी तहसील बज्जू, जिला बीकानेर, राजस्थान (उम्र 36 साल) को गिरफ्तार किया।
गिरोह का तरीका
आरोपी 4 से 5 लाख रुपये में चोरी की फॉर्च्यूनर, थार, क्रेटा, किया जैसी लग्जरी गाड़ियां खरीदते थे। फिर चेसिस और इंजन नंबर में छेड़छाड़ कर फर्जी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट तैयार करते थे और उन्हें असली बताकर पंजाब व राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में ऊंचे दामों पर बेच देते थे। अब तक 15 से 20 वारदातों में इनकी संलिप्तता सामने आई है।
आरोपियों की प्रोफाइल
गुरविंदर सिंह ने 2009 में बीए किया और एक साल वीडियोकॉन कंपनी में नौकरी की। बाद में भिखीविंड में पुरानी गाड़ियों की खरीद फरोख्त की दुकान शुरू कर दी। वह एफआईआर नंबर 14586/25 थाना रानी बाग में वांछित और भगोड़ा घोषित है। उस पर दिल्ली और पंजाब के 4 मामले दर्ज हैं।
वहीं दशरथ बिश्नोई 12वीं पास है और 2021 से इस धंधे में है। उसका भाई प्राइवेट स्कूल चलाता है। पुलिस के अनुसार वह नशे का आदी है और पहले कभी गिरफ्तार नहीं हुआ था।
बरामदगी
पुलिस ने कुल 12 गाड़ियां बरामद की हैं, जिनमें टोयोटा फॉर्च्यूनर, इनोवा क्रिस्टा, हुंडई क्रेटा, ब्रेजा, टाटा हैरियर, अल्काजार, यारिस, स्विफ्ट डिजायर शामिल हैं। ये गाड़ियां प्रशांत विहार, पश्चिम विहार, रोहिणी, सुभाष प्लेस, फर्श बाजार, बेगमपुर, केशवपुरम और गुरुग्राम के बादशाहपुर इलाकों से चोरी हुई थीं।
फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और गिरोह के अन्य सदस्यों व दिल्ली में सक्रिय वाहन चोरों की तलाश जारी है।