नई दिल्ली, 24 जुलाई : राजधानी में सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और फर्जीवाड़े के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत अपराधों की जांच के लिए एक विशेष कार्य बल (Special Task Force – STF) का गठन किया है।
पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश के अनुसार, इस विशेष टास्क फोर्स का नेतृत्व अपराध शाखा के विशेष आयुक्त करेंगे। इस टास्क फोर्स में आर्थिक अपराध शाखा (EOW), साइबर सेल, स्पेशल सेल और इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट के अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है।
क्या करेगा यह STF?
- केंद्रीयकृत जांच: अब दिल्ली में NEET, UPSC, SSC, CUET, CBSE सहित किसी भी सार्वजनिक परीक्षा से जुड़े पेपर लीक, सॉल्वर गैंग, फर्जी अभ्यर्थी (Impersonation) और ओएमआर शीट में छेड़छाड़ के सभी मामले इसी STF के पास आएंगे।
- नए कानून के तहत सख्त कार्रवाई: यह टास्क फोर्स सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2024 के तहत मामलों की जांच करेगी, जिसमें संगठित अपराध के लिए 10 साल तक की कैद और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
- अंतर-राज्यीय समन्वय: पेपर लीक गैंग अक्सर कई राज्यों में सक्रिय होते हैं। STF अन्य राज्यों की पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ समन्वय कर नेटवर्क को ध्वस्त करेगी।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हाल के दिनों में हमने देखा कि परीक्षा में गड़बड़ी एक संगठित अपराध बन गया है। इसमें साइबर अपराध, फर्जी दस्तावेज और बड़े पैमाने पर पैसे का लेन-देन शामिल है। एक समर्पित टास्क फोर्स से जांच में तेजी आएगी और दोषियों को जल्द सजा दिलाई जा सकेगी।”
गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों में दिल्ली पुलिस ने SSC, दिल्ली विश्वविद्यालय और कई निजी प्रतियोगी परीक्षाओं में सॉल्वर गैंग और रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर से नकल कराने वाले कई रैकेट का भंडाफोड़ किया था।
इस नई पहल से लाखों ईमानदार छात्रों और अभ्यर्थियों में विश्वास बहाल होने की उम्मीद है।