नई दिल्ली, विशेष संवाददाता
देश की राजधानी के हृदय स्थल पहाड़गंज की बदहाली को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। कभी अपने बाजार और आपसी भाईचारे के लिए पहचाना जाने वाला यह इलाका आज अवैध गतिविधियों, गंदगी और असुरक्षा का अड्डा बनता जा रहा है। सवाल उठता है कि आखिर इसका जिम्मेदार कौन है?
स्थानीय लोगों का आरोप – बाहरी लोगों को लीज पर दिए जा रहे प्रतिष्ठान
स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार, पहाड़गंज के कई प्रभावशाली होटल मालिक, जो खुद को धार्मिक और सामाजिक संगठनों से जुड़ा बताते हैं, अपने प्रतिष्ठान लंबे समय से बाहर के लोगों को लीज पर दे रहे हैं। आरोप है कि इनमें अधिकतर होटल और अवैध रूप से चल रहे बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) शामिल हैं।
निवासियों का कहना है कि लीज पर लेने के बाद इन प्रतिष्ठानों में कई तरह की अनैतिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, जिससे क्षेत्र का सामाजिक माहौल खराब हो रहा है।
मालिक रहते ही नहीं पहाड़गंज में
सबसे बड़ा सवाल यह है कि ज्यादातर होटल मालिक अपने परिवार के साथ पहाड़गंज में रहते ही नहीं हैं। वे पॉश कॉलोनियों में शिफ्ट हो चुके हैं। ऐसे में उन्हें पहाड़गंज की रोजमर्रा की समस्याओं, सुरक्षा और बदहाली से कोई लेना-देना नहीं रह गया है।
एक बुजुर्ग निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “यहां पैसा कमाते हैं और रहते कहीं और हैं। धर्म और समाज सेवा की आड़ में सब चल रहा है। आखिर कुछ तो भगवान से डरो।”
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन और निगम की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। अवैध B&B और बिना लाइसेंस चल रहे होटलों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? क्या प्रभावशाली लोगों के दबाव में आंखें मूंद ली गई हैं?
निवासियों की मांग है कि पहाड़गंज/ नबी करीम थाना क्षेत्र में में चल रहे सभी होटलों और गेस्ट हाउसों के लीज एग्रीमेंट और लाइसेंस की सघन जांच होनी चाहिए और जो लोग बाहर से आकर यहां अनैतिक गतिविधियां चला रहे हैं, उन पर सख्त कार्रवाई हो।