नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के मुख्य पर्यटन और भीड़भाड़ वाले इलाके पहाड़गंज में अवैध रूप से चल रहे स्पा सेंटरों को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि इलाके की कई इमारतों के बेसमेंट और होटलों की आड़ में बिना लाइसेंस के दर्जनों स्पा सेंटर धड़ल्ले से चल रहे हैं, जबकि एमसीडी का हेल्थ डिपार्टमेंट आंख मूंदे बैठा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन स्पा सेंटरों के पास न तो एमसीडी का वैध हेल्थ ट्रेड लाइसेंस है, न ही कोई तय मानक पूरे किए जा रहे हैं। रात होते ही इन सेंटरों के बाहर संदिग्ध गतिविधियां बढ़ जाती हैं, जिससे पूरे इलाके का माहौल खराब हो रहा है। महिलाओं और परिवारों का सड़क पर निकलना तक मुश्किल हो गया है।
नियमों की खुलेआम अनदेखी
निवासियों के अनुसार, कई स्पा सेंटरों में क्रॉस जेंडर मसाज, अप्रशिक्षित स्टाफ और हाइजीन के कोई मानक नहीं अपनाए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली सरकार की गाइडलाइन के अनुसार स्पा में सिर्फ क्वालिफाइड थेरेपिस्ट ही काम कर सकते हैं और सभी स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य है, लेकिन पहाड़गंज में इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हमने कई बार लिखित शिकायत MCD और स्थानीय थाने में की है, लेकिन हर बार सिर्फ खानापूर्ति होती है। कार्रवाई के नाम पर कुछ दिन के लिए शटर गिरता है और फिर पहले से भी ज्यादा बड़े बोर्ड के साथ स्पा फिर से खुल जाता है। इससे साफ लगता है कि विभाग की मिलीभगत है।”
MCD से नहीं मिला जवाब
इस मामले को लेकर जब MCD हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई तो कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला। स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर बिना लाइसेंस के इतने बड़े पैमाने पर व्यावसायिक गतिविधि कैसे चल रही है?
निवासियों ने मांग की है कि एमसीडी कमिश्नर और दिल्ली पुलिस इस पूरे इलाके का संयुक्त सर्वे कराए, सभी स्पा सेंटरों के लाइसेंस की जांच करे और अवैध रूप से चल रहे सेंटरों को तुरंत सील किया जाए।
अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थानीय लोग धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।