अशोक कुमार निर्भय
नई दिल्ली। राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस के अवसर पर दिल्ली पुलिस पश्चिमी जिला की ओर से महिलाओं और छात्राओं के अधिकारों, सुरक्षा तथा महिला एवं बाल अपराधों को लेकर जागरूकता संवाद कार्यक्रम का आयोजन पंजाबी बाग स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी महाविद्यालय में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और किसी भी प्रकार की आपराधिक अथवा असामाजिक स्थिति में पुलिस से संपर्क करने की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कॉलेज प्रशासन, छात्र संघ के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में पश्चिमी रेंज की संयुक्त पुलिस आयुक्त सुमन गोयल, पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर स्वामी, पंजाबी बाग थाना प्रभारी संजय दहिया, कॉलेज की प्राचार्या प्रोफेसर डॉ. नीलम गोयल, प्रोफेसर राजकुमार फलवारिया सहित कॉलेज छात्र संघ की कार्यकारिणी के सदस्य मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों और कॉलेज प्रशासन की मौजूदगी में छात्राओं के साथ सीधे संवाद के माध्यम से महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
संयुक्त पुलिस आयुक्त सुमन गोयल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए महिलाओं, छात्राओं तथा बाल अपराधों से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज नहीं करने और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। जागरूकता, सतर्कता और समय पर शिकायत अपराध की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
संवाद कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि छात्राओं को केवल जानकारी देने तक सीमित न रहते हुए उनके सवालों को भी गंभीरता से सुना गया। छात्राओं ने महिला सुरक्षा, अधिकारों, अपराधों और पुलिस की भूमिका से जुड़े विभिन्न प्रश्न अधिकारियों के सामने रखे। संयुक्त पुलिस आयुक्त सुमन गोयल ने छात्राओं के प्रश्नों का सीधे, तार्किक और स्पष्ट तरीके से जवाब देते हुए उनकी शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने छात्राओं को किसी भी प्रकार के दबाव या भय में चुप रहने के बजाय संबंधित अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल अपराधों की रोकथाम को लेकर भी चर्चा हुई। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को बताया कि अपराध होने के बाद कार्रवाई के साथ-साथ अपराध से पहले जागरूकता और सावधानी भी बेहद महत्वपूर्ण है। छात्राओं से कहा गया कि वे अपने आसपास होने वाली ऐसी गतिविधियों के प्रति सजग रहें, जो महिलाओं या बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं।
कॉलेज प्रशासन ने दिल्ली पुलिस की इस पहल को छात्राओं के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह के संवाद कार्यक्रमों से युवाओं और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत होता है। छात्राओं के लिए यह अवसर महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि उन्हें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से सीधे सवाल पूछने और सुरक्षा से संबंधित विषयों पर स्पष्ट जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।
राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि महिला अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक समाज ही सुरक्षित समाज का निर्माण कर सकता है। दिल्ली पुलिस और शिक्षण संस्थानों के बीच इस प्रकार का समन्वय छात्राओं को कानून के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आत्मविश्वास भी प्रदान करता है। कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं ने संवाद को उपयोगी बताते हुए महिला सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता व्यक्त की।