एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड, पूर्वी जिला ने अंतर-राज्यीय मादक पदार्थ आपूर्ति श्रृंखला का भंडाफोड़ किया; ओडिशा के अलग-अलग जिलों में पीछा करने के बाद ओडिशा के बाहरी इलाके से मुख्य स्रोत गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस द्वारा समाज से नशे की बुराई को खत्म करने के लिए पदार्थ दुरुपयोग के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है। नशा मुक्त समाज के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।


राजीव कुमार डीसीपी पूर्वी जिला के मुताबिक पूर्वी जिले में ड्रग सप्लायर व उनके स्रोतों को निशाना बनाने के लिए नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ड्रग सप्लायर व उनके स्रोतों को पकड़ने के लिए एसीपी/ओपीएस पूर्व श्री पवन कुमार के नेतृत्व में मेरे पर्यवेक्षण में एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड, पूर्वी जिला की टीम गठित की गई। टीम में इंस्पेक्टर अरुण कुमार, प्रभारी एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड पूर्व, एसआई विकास, एसआई देवेंद्र, एएसआई अमित, एएसआई अरुण, एचसी विवेक, एचसी प्रदीप शर्मा, एचसी अमित कसाना, एचसी विक्रांत, एचसी लखन और एचसी हरेंद्र शामिल थे। टीम ने स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय कर व मानवीय खुफिया जानकारी एकत्र कर ईमानदारी से प्रयास शुरू किए।

03.06.2026 को ए.एन.एस., पूर्वी जिला, दिल्ली को गुप्त सूचना मिली कि दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों में गांजा की तस्करी व आपूर्ति में शामिल सोनू नामक व्यक्ति भारी मात्रा में गांजा लेकर मारुति सियाज कार नं. DL6CR* से कॉम्पिटेंट मारुति शोरूम के पीछे की सड़क, तालकटोरा टी-पॉइंट, गाजीपुर, दिल्ली के पास आएगा।

सूचना पर कार्रवाई करते हुए एएनएस टीम ने कॉम्पिटेंट मारुति शोरूम के पीछे की सड़क, तालकटोरा टी-पॉइंट, गाजीपुर, दिल्ली पर जाल बिछाया और मारुति सियाज कार नं. DL6CR* में बैठे सोनू कुमार निवासी ग्राम मोर्टी, गाजियाबाद, यूपी को पकड़ लिया। कार की तलाशी लेने पर 22 किलो 450 ग्राम गांजा/मारिजुआना (व्यावसायिक मात्रा) से भरे 2 बैग मिले। इसके बाद थाना पीआईए, दिल्ली में मुकदमा एफआईआर नं. 197/2026, धारा 20/25 एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। आरोपी/सप्लायर को गिरफ्तार कर उसके मुख्य स्रोत को पकड़ने के लिए जांच शुरू की गई।


जांच के दौरान आरोपी/ड्रग पेडलर/सप्लायर निवासी गाजियाबाद, यूपी ने खुलासा किया कि वह गांजा अपने स्रोत देबा मंडी निवासी जिला मलकानगिरी, ओडिशा (ओडिशा-आंध्र प्रदेश सीमा क्षेत्र) से लाता था और दिल्ली-एनसीआर में छोटी मात्रा में सप्लाई करता था।

“यह स्पष्ट था कि जब तक स्रोत को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, दिल्ली-एनसीआर में मादक पदार्थों की आमद नहीं रुकेगी।”

इसलिए पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने के लिए एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड की टीम को गहन ब्रीफिंग दी गई और ओडिशा स्थित स्रोत “देबा मंडी” को तुरंत ट्रेस कर गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए। जांच में पाया गया कि ड्रग पेडलर/सप्लायर सोनू की गिरफ्तारी के बाद से आरोपी देबा मंडी/स्रोत ने अपने सभी संपर्क नंबर बंद कर दिए थे। स्रोत का पता जिला मलकानगिरी, ओडिशा (ओडिशा-आंध्र प्रदेश सीमा क्षेत्र) के बाहरी/वन क्षेत्र में स्थित है। एएनएस टीम ने तकनीकी रूप से गहन काम किया और ओडिशा के विभिन्न जिलों में कई छापे मारे। 17.06.2026 को ताजा खुफिया जानकारी व निगरानी के आधार पर टीम ने ओडिशा से आंध्र प्रदेश बॉर्डर तक संक्षिप्त पीछा करने के बाद आरोपी को सफलतापूर्वक पकड़ लिया। ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे 20.6.2026 को दिल्ली लाया गया। आरोपी को वर्तमान मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है और नशा आपूर्ति श्रृंखला के आगे के लिंक की पहचान के लिए पूछताछ की जा रही है। पूरे नशा आपूर्ति नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आगे की जांच जारी है।


पूछताछ में आरोपी/स्रोत देबा मंडी ने खुलासा किया कि उसका गांव जंगल क्षेत्र में स्थित है, जहां उसने देखा कि घने जंगल के पहाड़ी क्षेत्र में गांजा उग रहा था, जहां स्थान व सड़क न होने के कारण अधिकारी नियमित रूप से नहीं पहुंच पाते थे। उसने यह भी देखा कि उक्त “गांजा” की अवैध बाजार में भारी मांग थी। इसलिए उसने जंगल क्षेत्र में “गांजा” उगाना शुरू कर दिया और भूरे टेप आदि से पैकेट बनाकर दिल्ली-एनसीआर में गांजे की सप्लाई शुरू कर दी। उसने यह भी बताया कि वर्ष 2018 में उसे एफआईआर नं. 245/18 धारा 20/29 एनडीपीएस एक्ट थाना कोतवाली शहडोल, मध्य प्रदेश में गिरफ्तार किया गया था, जिसमें वह 3 साल जेल में रहा। वर्ष 2022 में जेल से बाहर आने के बाद शुरू में उसने मजदूरी की, लेकिन फिर से गांजा सप्लाई में लिप्त हो गया। 1 साल पहले वह गाजियाबाद, यूपी के ड्रग पेडलर/सप्लायर सोनू कुमार के संपर्क में आया और उसे थोक में गांजा सप्लाई करने लगा। आरोपी सोनू आगे दिल्ली-एनसीआर में गांजा बेचता था। इनका प्राथमिक उद्देश्य वित्तीय लाभ था, क्योंकि अवैध होने के बावजूद उन्हें “गांजा” बेचना आय का त्वरित स्रोत लगा। ये अवैध नशा व्यापार के जरिए मौद्रिक लाभ के उद्देश्य से एक संगठित अंतर-राज्यीय ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा हैं।

अवैध बाजार में लगभग 10 लाख रुपये मूल्य का 22 किलो 450 ग्राम गांजा/मारिजुआना (व्यावसायिक मात्रा) की बड़ी बरामदगी की गई है। • मादक पदार्थ के परिवहन में प्रयुक्त एक मारुति सियाज कार, रजिस्ट्रेशन नं. DL6CR*। को भी पुलिस ने जब्त किया है।

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