क्राइम ब्रांच, दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबीनजफगढ़ हत्या के प्रयास मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली: वेस्टर्न रेंज-II, क्राइम ब्रांच, दिल्ली पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहे रोहित लांबा गैंग के सदस्य को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी का नाम आदित्य कुमार है, जो थाना नजफगढ़ में दर्ज केस FIR No. 293/2026 में वांछित था।

26 जून 2026 को रोहित लांबा, आदित्य और रितिक ठाकुर स्कूटी से नजफगढ़ पहुंचे। इन्होंने मोहित भारद्वाज @ मोनू गैंग के कथित साथी अफजल से मोनू का पता पूछा। मना करने पर रोहित ने पिस्तौल तान दी, रितिक ने चाकू निकाला और आदित्य ने अफजल को पकड़ लिया। तीनों ने चाकू से हमला कर अफजल के दोनों पैरों पर वार किए। शोर सुनकर गली में मोटरसाइकिल आने पर आरोपी फरार हो गए। इसी मामले में थाना नजफगढ़ में FIR No. 293/2026 दर्ज हुई थी।

इंस्पेक्टर गौतम मलिक के नेतृत्व में SI कुलदीप, SI रवि भूषण और कांस्टेबल मुकेश की टीम को DCP क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा, IPS के निर्देश पर लगाया गया था। ACP राज पाल डाबस की निगरानी में टीम ने गुप्त सूचना और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर 30 जून को द्वारका मोड़ पर जाल बिछाया। आरोपी अपने एक साथी से मिलने आया था। पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन पीछा कर उसे दबोच लिया गया। HC भंवर लगातार तकनीकी निगरानी कर रहे थे।

पूछताछ में आदित्य ने बताया कि वह 10वीं पास है और नजफगढ़ का रहने वाला है। माता-पिता की मौत के बाद दादी के साथ रहता है। तीन साल पहले रिलायंस स्टोर में काम के दौरान रोहित लांबा से मिला। रोहित ने खुद को कुख्यात अशोक प्रधान गैंग का सदस्य बताया था।

रोहित लांबा की मोनू नामक बदमाश से रंजिश थी। डेढ़ महीने पहले मोनू ने रोहित पर चाकू से हमला किया था। रोहित को शक था कि अफजल ने मोनू को उसके ठिकाने की जानकारी दी। इसी शक में 4-5 दिन पहले रोहित, रितिक और आदित्य ने अफजल पर हमला किया।

28 जून को नजफगढ़ पुलिस ने मुठभेड़ के बाद रोहित लांबा और रितिक को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से आदित्य लगातार ठिकाने बदलकर फरारी काट रहा था।

आरोपी रोहित लांबा गैंग का सक्रिय सदस्य था। वह विरोधी गैंग के सदस्यों को ढूंढने और उन पर हमले में मदद करता था। केस दर्ज होने के बाद से फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।

DCP क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा, IPS ने बताया कि इस गिरफ्तारी से रोहित लांबा गैंग की गतिविधियों पर बड़ा प्रहार हुआ है। यह दिल्ली पुलिस की संगठित अपराध नेटवर्क को ध्वस्त करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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