संगठित स्ट्रीट क्राइम पर बड़ी कार्रवाई: थाना आईपी एस्टेट ने स्नैचिंग गिरोह का किया भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार, बीएनएस की धारा 112 लागू

27 जून 2026 को थाना आईपी एस्टेट में स्नैचिंग की सूचना मिली। ग्वालियर, मध्य प्रदेश निवासी शिकायतकर्ता ने बताया कि वह रैपिडो बाइक से आईपी फ्लाईओवर, आईटीओ से कश्मीरी गेट की ओर जा रहा था, तभी काली मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात लोगों ने उसका वनप्लस नॉर्ड-4 मोबाइल छीन लिया और फरार हो गए।

रोहित राजवीर सिंह डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के मुताबिक इस संबंध में थाना आईपी एस्टेट में एफआईआर नंबर 252/2026, धारा 304(2)/3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि आईटीओ-आईपी एस्टेट क्षेत्र में करीब एक घंटे के भीतर मोबाइल स्नैचिंग की चार वारदातें हुईं, जिससे राहगीरों में दहशत फैल गई।

वारदातों की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर नरेश कुमार, एसएचओ/थाना आईपी एस्टेट के नेतृत्व और एसीपी कमला मार्केट सब-डिवीजन राजीव भारद्वाज की देखरेख में एसआई योगेश पुनिया, हेड कांस्टेबल अविनाश, राजेंद्र, रोहताश और कांस्टेबल सुरेंद्र की एक विशेष टीम बनाई गई।

टीम ने फ्लाईओवर, चौराहों, एंट्री-एग्जिट पॉइंट और अन्य संवेदनशील स्थानों के 750 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की। साथ ही गुप्त सूत्रों को सक्रिय कर स्थानीय सूचना जुटाई गई। समन्वित प्रयासों से एक आरोपी आसिफ की पहचान हुई।

01 जुलाई 2026 को टीम ने बिजनौर, उत्तर प्रदेश के गांव महदूद से आरोपी आसिफ को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आसिफ ने वारदात में शामिल होना कबूल किया और बताया कि उसने यह अपराध सह-आरोपी शाहरुख के साथ किया था। उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल चोरी की मोटरसाइकिल DL6SBN5699 जाकिर नगर, दिल्ली से बरामद की गई। यह मोटरसाइकिल थाना वजीराबाद के एमवीटी नंबर 014717/2026 में चोरी हुई थी।

पूछताछ में पता चला कि सह-आरोपी तारिक उर्फ दानिश चोरी की बाइक का इंतजाम करता था, लॉजिस्टिक सपोर्ट देता था, चोरी के मोबाइल बेचने में मदद करता था और अपराधियों को बचने में सहायता करता था। 02 जुलाई 2026 को पुलिस ने शास्त्री पार्क, दिल्ली से तारिक उर्फ दानिश को गिरफ्तार कर लिया।

जांच में सामने आया कि गिरोह सुनियोजित तरीके से वारदात करता था। शाहरुख चोरी की बाइक चलाता था और आसिफ पीछे बैठकर व्यस्त सड़कों, फ्लाईओवर पर राहगीरों के मोबाइल छीनकर भाग जाता था। चोरी के मोबाइल रिसीवर अर्जुन के जरिए बेचे जाते थे। तारिक उर्फ दानिश चोरी की बाइक मुहैया कराने और लॉजिस्टिक सपोर्ट की भूमिका निभाता था।

गिरोह के सदस्यों में अपराध से मिली रकम का बंटवारा पहले से तय था – स्नैचर आसिफ और राइडर शाहरुख को 40-40%, तारिक उर्फ दानिश को 15% और रिसीवर अर्जुन को 5% मिलता था। भूमिका के बंटवारे और सुनियोजित अपराधों को देखते हुए मामले में धारा 112 बीएनएस जोड़ी गई है। आगे जांच जारी है।

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