टी.बी. से जुड़े सवाल – डॉ. एस. के. अरोड़ा के साथ : टी.बी. के इलाज के बाद- क्या टी.बी. दोबारा हो सकती है?

जानिए जरूरी सवाल जवाब

प्रश्न 1: क्या सफल इलाज के बाद भी टी.बी. दोबारा हो सकती है?

हाँ, हो सकती है, लेकिन हर मरीज में ऐसा नहीं होता। अब ऐसे मामलों के लिए “recurrent TB” या relapse शब्द का उपयोग होता है I

प्रश्न 2: दोबारा टी.बी. कितने लोगों में होती है?

विभिन्न देशों और परिस्थितियों में दर अलग-अलग होती है। एक बड़े systematic review और meta-analysis में 145 studies को शामिल किया गया और recurrent TB की pooled incidence 2.26 प्रति 100 person-years पाई गई। उच्च TB-burden वाले settings में यह लगभग 4.10 प्रति 100 person-years तक थी।

भारत में एक multicentric prospective study में treatment success के बाद 1,210 मरीजों में से 158 में TB recurrence दर्ज हुई। हालांकि यह एक specific study population थी, इसलिए इसे पूरे भारत की recurrence rate नहीं माना जा सकता।

प्रश्न 3: क्या टी.बी. वापस आने का मतलब है कि पिछला इलाज असफल था?

जरूरी नहीं। अगर मरीज ने उपचार पूरा करके cure/treatment completion प्राप्त किया था, तो बाद में TB का लौटना relapse या reinfection दोनों में से किसी कारण से हो सकता है। इसलिए बिना जांच के यह कहना सही नहीं है कि पिछला इलाज विफल हुआ था।

प्रश्न 4: किन लोगों में recurrence का खतरा अधिक हो सकता है?

जो मरीज उपचार अधूरा छोड़ देते हैं या doses बार-बार miss करते हैं, उनमें समस्या का जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा HIV, diabetes, undernutrition, कमजोर immunity, smoking/tobacco use तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी TB outcomes को प्रभावित कर सकती हैं।

प्रश्न 5: इलाज पूरा होने के बाद कौन-से लक्षण दोबारा जांच की मांग करते हैं?

लगातार या दोबारा आने वाली:
खांसी , बुखार , रात में पसीना, वजन कम होना , भूख कम लगना, लंबे समय तक कमजोरी या थकान
इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

प्रश्न 6: क्या हर इलाज के बाद होने वाली खांसी का मतलब TB वापस आ गई है?

नहीं। TB के बाद कुछ मरीजों में lungs में residual damage रह सकता है, जिसके कारण लंबे समय तक खांसी या सांस संबंधी समस्या रह सकती है। लेकिन नई या बढ़ती हुई symptoms को केवल पुराने lung damage के कारण मान लेना भी उचित नहीं है। आवश्यकता के अनुसार जांच करानी चाहिए।

प्रश्न 7: अगर TB दोबारा होने का संदेह हो तो क्या पुराने TB की दवाएं फिर शुरू कर देनी चाहिए?

*नहीं। पुराने prescription की दवाएं अपने-आप शुरू नहीं करनी चाहिए। पहले चिकित्सकीय evaluation, आवश्यक होने पर bacteriological testing और drug-susceptibility testing (DST) की जानी चाहिए। इसके बाद उपयुक्त regimen तय किया जाता है।

प्रश्न 8: DR-TB के मरीजों के लिए follow-up कितना महत्वपूर्ण है?

बहुत महत्वपूर्ण है। WHO recommends that patients who successfully complete a DR-TB regimen should ideally be monitored for recurrence for at least 12 months after treatment.

डॉ. एस.के. अरोड़ा की सलाह :

“टी.बी. का सफल इलाज होने के बाद जीवन सामान्य रूप से आगे बढ़ सकता है। लेकिन यदि बीमारी जैसे लक्षण दोबारा दिखाई दें, तो उन्हें नजरअंदाज न करें। समय पर जांच, सही diagnosis और उपयुक्त उपचार से recurrent TB को भी प्रभावी ढंग से manage किया जा सकता है। इलाज पूरा करना, follow-up बनाए रखना और तंबाकू से दूर रहना महत्वपूर्ण है।”

टी.बी. दोबारा हो सकती है — लेकिन समय पर पहचान, सही जांच और उचित इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

End Tobacco → End TB → Save Lives.

डॉ. एस.के. अरोड़ा
सीनियर चेस्ट विशेषज्ञ,कंसल्टेंट,
पूर्व दिल्ली स्टेट टीबी हेड, दिल्ली सरकार (डब्ल्यूएचओ द्वारा सम्मानित)
TB Expert | Tobacco Control Advocate | Public Health (India).

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