टीबी से जुड़े सवाल – डॉ. एस.के. अरोड़ा के साथ : यूनिवर्सल ड्रग ससेप्टिबिलिटी टेस्टिंग (UDST)क्या हम वहां तक पहुंच पाए हैं?

जानिए जरूरी सवाल और जवाब

प्रश्न 1. यूनिवर्सल ड्रग ससेप्टिबिलिटी टेस्टिंग (UDST) क्या है?
UDST का अर्थ है कि प्रत्येक टीबी रोगी की यह जांच की जाए कि टीबी के जीवाणु टीबी की दवाओं के प्रति संवेदनशील हैं या प्रतिरोधी।

इसका मूल सिद्धांत है:
“सही उपचार की शुरुआत सही निदान से होती है।”

प्रश्न 2. UDST क्यों महत्वपूर्ण है?
UDST:
*दवा प्रतिरोध का शीघ्र पता लगाता है
*सही उपचार चुनने में मदद करता है
*उपचार विफलता रोकता है
*MDR-TB के विकास और प्रसार को कम करता है
*उपचार परिणामों में सुधार करता है

प्रश्न 3. विश्व में दवा-प्रतिरोधी टीबी की स्थिति क्या है?
WHO Global TB Report 2023 के अनुसार:
*लगभग 4.1 लाख लोग MDR/RR-TB से प्रभावित थे।
*लगभग 2.73 लाख नए DR-TB मामले सामने आए।
*लगभग 3.6% नए टीबी मरीजों में दवा-प्रतिरोधी टीबी पाई गई।

प्रश्न 4. भारत में DR-TB का बोझ कितना है?
भारत विश्व के सबसे अधिक टीबी प्रभावित देशों में से एक है।
*लगभग 1.35 लाख लोग MDR/RR-TB से प्रभावित होने का अनुमान है।
*लगभग 86,000 नए DR-TB मामले सामने आते हैं।
*लगभग 2.9% नए टीबी रोगियों में DR-TB का अनुमान है।

प्रश्न 5. UDST के क्षेत्र में भारत ने क्या प्रगति की है?
भारत ने महत्वपूर्ण प्रगति की है:
*CBNAAT/NAAT सुविधाओं का विस्तार
*आणविक परीक्षणों की उपलब्धता में वृद्धि
*प्रयोगशाला नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण
*NTEP के अंतर्गत मजबूत नीति समर्थन

प्रश्न 6. क्या सभी टीबी रोगियों की UDST जांच उपचार शुरू होने से पहले हो रही है?
अभी नहीं।
हालांकि स्थिति पहले से बेहतर हुई है, फिर भी कई क्षेत्रों में अंतर बना हुआ है।
अनुमानतः लगभग दो-तिहाई रोगियों में उपचार शुरू होने से पहले जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो पाती है, लेकिन राज्यों के बीच काफी भिन्नता है।

प्रश्न 7. UDST लागू करने में मुख्य चुनौतियाँ क्या हैं?
*जांच में देरी
*नमूना परिवहन की समस्याएँ
*प्रयोगशालाओं की सीमित क्षमता
*रिपोर्ट मिलने में विलंब
*अनुवर्ती जांच में कमी
*गुणवत्ता आश्वासन को और मजबूत करने की आवश्यकता

प्रश्न 8. BPaLM जैसे नए रेजिमेन से पहले UDST क्यों आवश्यक है?
BPaLM जैसे नए उपचार DR-TB प्रबंधन में महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं।
लेकिन उनकी सफलता निर्भर करती है:
*सही निदान पर
*समय पर DST पर
*उपयुक्त मरीज चयन पर
*नियमित निगरानी पर

प्रश्न 9. यदि दवा प्रतिरोध का पता न चले तो क्या हो सकता है?
*उपचार विफल हो सकता है
*संक्रमण फैलता रह सकता है
*अतिरिक्त दवा प्रतिरोध विकसित हो सकता है
*उपचार लागत बढ़ सकती है
*भविष्य में MDR-TB के मामले बढ़ सकते हैं

प्रश्न 10. क्या UDST को मजबूत किए बिना भारत टीबी उन्मूलन हासिल कर सकता है?
यह बहुत कठिन होगा।
टीबी उन्मूलन के लिए आवश्यक हैं:
*शीघ्र निदान
*सार्वभौमिक DST
*सही उपचार
*उपचार का पालन
*मजबूत जनस्वास्थ्य प्रणाली

          *निष्कर्ष*

डॉ. एस.के. अरोड़ा के अनुसार
दवा प्रतिरोध का शीघ्र पता लगाने से ही सही उपचार चुना जा सकता है और दवा-प्रतिरोधी टीबी को रोका जा सकता है।
उपचार में नवाचार तभी सफल होगा जब निदान सटीक होगा।

तंबाकू खत्म करें → टीबी खत्म करें → जीवन बचाएं

डॉ. एस.के. अरोड़ा
सीनियर चेस्ट विशेषज्ञ,कंसल्टेंट,
पूर्व दिल्ली स्टेट टीबी हेड, दिल्ली सरकार (डब्ल्यूएचओ द्वारा सम्मानित)
TB Expert | Tobacco Control Advocate | Public Health (India)

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