दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी को दबोचा, पुलिस पर हमले के मामले में 16 महीने से था फरार

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की पश्चिमी रेंज-I (WR-I) ने पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करने और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी फरमान को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। आरोपी पिछले 16 महीनों से गिरफ्तारी से बच रहा था।

क्या है पूरा मामला?
4 फरवरी 2025 को रात करीब 2:45 बजे कोतवाली थाना क्षेत्र के आयरन ब्रिज के पास गश्त कर रही पुलिस टीम ने एक मोटरसाइकिल को रुकने का इशारा किया। बाइक चला रहे मोहम्मद हसन के साथ पीछे फरमान बैठा था। पुलिस के मुताबिक, रुकने के बजाय दोनों ने अवैध पिस्टल दिखाकर पुलिस टीम को धमकाया, धक्का-मुक्की कर मारपीट की और भागने की कोशिश की। मौके पर हसन को दबोच लिया गया था और उसके पास से एक बिना लाइसेंस की पिस्टल, मैगजीन व 5 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। वहीं फरमान अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया था।

इस मामले में कोतवाली थाने में FIR संख्या 148/25, धारा 132, 221, 351(2)(3), 3(5) BNS और 27 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।

ऐसे पकड़ा गया आरोपी
DCP क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा, IPS के निर्देश पर ACP राज कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर आशीष शर्मा के नेतृत्व में टीम बनाई गई। 15 जून को SI गुमान सिंह को गुप्त सूचना मिली कि फरार फरमान गाजियाबाद के शालीमार गार्डन में छिपा है।

टीम ने आरोपी की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखी और उसका इंस्टाग्राम हैंडल ट्रेस किया। तकनीकी निगरानी से IP डिटेल और लोकेशन का पता लगाया गया। 17 जून को रात 9 बजे दिल्ली-UP बॉर्डर के पास SI गुमान सिंह और इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की टीम ने जाल बिछाया। मुखबिर की पहचान पर फरमान को घेर लिया गया। पुलिस को देखकर उसने भागने और हाथापाई की कोशिश की, लेकिन पीछा कर उसे काबू कर लिया गया।

पूछताछ में हुए खुलासे
गिरफ्तार आरोपी की पहचान फरमान (24) पुत्र स्व. अब्दुल वाजिद, निवासी शालीमार गार्डन, गाजियाबाद के रूप में हुई। पूछताछ में उसने कोतवाली थाने में दर्ज पुलिस पर हमले के मामले में अपनी संलिप्तता कबूल की। फरमान 5वीं पास है और फल-सब्जी मंडी में मजदूरी करता है। आर्थिक तंगी के चलते वह मोबाइल छीनने और चोरी की वारदात करने लगा था।

DCP हर्ष इंदौरा ने कहा, “यह गिरफ्तारी कानून व्यवस्था बनाए रखने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पुलिस पर हमला करने वाला कोई भी अपराधी कानून से बच नहीं सकता। टीम ने तकनीकी निगरानी और फील्ड ऑपरेशन से आरोपी को ट्रेस किया। मामले में आगे की जांच जारी है, अन्य अपराधों में संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।”

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