नई दिल्ली में लगाए गए प्रतिबंधों का औचित्य
नई दिल्ली, 9 अक्टूबर। नई दिल्ली, विशेषकर जंतर-मंतर के आसपास लगाए गए अस्थायी प्रतिबंधों को लेकर दिल्ली पुलिस ने आज प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष रखा। पुलिस ने कहा कि ये प्रतिबंध एहतियाती और अस्थायी हैं, जिनका उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
पुलिस जनसंपर्क अधिकारी अतिरिक्त आयुक्त राजीव रंजन, आईपीएस द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन नई दिल्ली में संवैधानिक संस्थाओं के महत्वपूर्ण कार्यालय और प्रतिष्ठान स्थित हैं। यहां निवासियों, कामगारों, यात्रियों और व्यापारियों की सुरक्षा और सुविधा का भी ध्यान रखना पुलिस की जिम्मेदारी है।
पुलिस ने जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का हवाला दिया। विज्ञप्ति के अनुसार, तब एक दिन के प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन धरना लगभग एक महीने तक चला। इस दौरान 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए और 2,000 से अधिक आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों के प्रदर्शन में शामिल होने से हिंसा की घटनाएं हुईं। झड़पों में निर्दोष छात्र भी घायल हुए थे।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि उसी समूह द्वारा अब फिर से उसी स्थान पर जुटने की योजना है। पिछले अनुभव को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले से इंतजाम करना जरूरी है। पुलिस ने यह भी बताया कि पिछले हफ्ते जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान महिला कांस्टेबलों के साथ छेड़छाड़ और हमले की खबरें गंभीर चिंता का विषय हैं और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस ने व्यावहारिक कठिनाइयों का भी उल्लेख किया। जंतर-मंतर अपेक्षाकृत छोटा स्थल है, जहां एक बार में सुरक्षित रूप से लगभग 1,000 लोग ही जुट सकते हैं। भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन पहुंच और सार्वजनिक सुरक्षा को देखते हुए क्षमता सीमित रखना जरूरी है।
पुलिस ने कहा कि आयोजकों द्वारा पूर्व अनुमति लेना लोकतांत्रिक सिद्धांतों के विरुद्ध नहीं, बल्कि एक आवश्यक प्रशासनिक उपाय है। इससे यातायात प्रबंधन, आपात सेवाओं और भीड़ नियंत्रण की उचित व्यवस्था की जा सकती है।
विज्ञप्ति के अनुसार, वर्तमान मामले में सीजेपी द्वारा बिना जरूरी अनुमति के प्रदर्शन की योजना बनाई जा रही है। माननीय उच्चतम न्यायालय ने भी सार्वजनिक प्रदर्शनों से संबंधित कानूनी आवश्यकताओं के पालन पर जोर दिया है।
अंत में दिल्ली पुलिस ने कहा, “लोगों को शांतिपूर्वक अपनी चिंताएं उठाने का अवसर मिलना चाहिए। हमारी जिम्मेदारी है कि हम ऐसी परिस्थितियां बनाएं कि वे सुरक्षित रूप से ऐसा कर सकें, साथ ही शहर का कामकाज भी चलता रहे। इन्हीं कारणों से ये एहतियाती कदम उठाए गए हैं।”