नई दिल्ली। राजधानी के मध्य में स्थित पहाड़गंज इलाके में अवैध निर्माण और बिना लाइसेंस चल रहे होटल, स्पा और गेस्ट हाउस का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि गली-गली में भवन उपनियमों का उल्लंघन कर 3 से 5 मंजिला अवैध होटल बनाए जा रहे हैं और उन्हें 3 से 5 लाख रुपये महीने तक के किराए पर आगे लीज पर दिया जा रहा है।
निवासियों का आरोप है कि इनमें से कई जगहों पर स्पा और बेड एंड ब्रेकफास्ट की आड़ में अनैतिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, जिससे क्षेत्र का सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है।
कार्रवाई के आश्वासन पर सवाल
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस संबंध में दिल्ली नगर निगम की स्वास्थ्य समिति द्वारा पहले कहा गया था कि ऐसे अवैध स्पा और होटलों पर डीएमसी एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोप है कि समय बीतने के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि नए अवैध निर्माण और बढ़ गए हैं।
निवासियों का कहना है कि शिकायत करने पर उन्हें धमकियों का सामना करना पड़ता है। कुछ परिवारों ने डर के कारण इलाके से पलायन करने की भी बात कही है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
पहाड़गंज के लोगों का सवाल है कि आखिर इन अवैध निर्माणों और बिना लाइसेंस चल रहे प्रतिष्ठानों पर निगम और पुलिस की कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? लोगों ने मांग की है कि सभी अवैध होटल, स्पा, बेड एंड ब्रेकफास्ट यूनिट और बार की जांच कर उनके लाइसेंस, फायर एनओसी और भवन का नक्शा सार्वजनिक किया जाए।
मामले को लेकर जब स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की गई तो कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
स्थानीय निवासियों ने उपराज्यपाल, एमसीडी कमिश्नर और दिल्ली पुलिस से इस पूरे मामले की संयुक्त जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।