वरिष्ठ संवाददाता नई दिल्ली। मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में हुए भीषण अग्निकांड के बाद राजधानी दिल्ली में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। विश्व पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक मणि आर्य ने इस घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि पहाड़गंज क्षेत्र में संचालित होटलों, बारों, पबों और बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) प्रतिष्ठानों की समय रहते जांच नहीं की गई तो यहां भी किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।
मणि आर्य ने मालवीय नगर की घटना को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए कहा कि राजधानी के कई व्यावसायिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहाड़गंज जैसे घनी आबादी और अत्यधिक व्यस्त क्षेत्र में अनेक होटल, गेस्ट हाउस, बार और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान ऐसे हैं जिनकी वैधता, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और लाइसेंस संबंधी स्थिति की निष्पक्ष जांच की जानी आवश्यक है।उन्होंने कहा कि विशेष रूप से आराकंशा रोड,संगतराशन रोड, चुना मंडी रोड,नबी करीम और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पर्यटक, व्यापारी और आम नागरिक प्रतिदिन आते-जाते हैं। ऐसे में यदि किसी भवन में अग्निशमन मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है या आपातकालीन निकास, फायर फाइटिंग उपकरण और सुरक्षा व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि बिना उचित लाइसेंस अथवा कथित रूप से नियमों के विपरीत संचालित कुछ प्रतिष्ठान लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
मणि आर्य ने कहा कि पहाड़गंज में संचालित होटलों, पबों, बारों तथा बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के अंतर्गत चल रहे प्रतिष्ठानों की व्यापक जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि दिल्ली सरकार, नगर निगम, दिल्ली अग्निशमन सेवा, पुलिस और संबंधित लाइसेंसिंग विभाग संयुक्त रूप से विशेष निरीक्षण अभियान चलाएं और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।उन्होंने कहा कि मालवीय नगर की दुखद घटना से सबक लेने की आवश्यकता है। यदि प्रशासन केवल हादसों के बाद सक्रिय होगा तो इससे लोगों की जान नहीं बचाई जा सकेगी। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण, पारदर्शी लाइसेंस व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा मानकों का कठोर पालन आवश्यक है।
मणि आर्य ने भाजपा सरकार को भी इस मामले में जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि राजधानी में सुरक्षा नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सरकार और संबंधित विभागों की है। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों और संस्थाओं पर निगरानी की जिम्मेदारी है, उन्हें अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करना चाहिए ताकि भविष्य में किसी परिवार को अपने प्रियजनों को ऐसी दुर्घटनाओं में न खोना पड़े।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पहाड़गंज क्षेत्र में कथित अनियमितताओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो संगतराशन रोड, चुना मंडी रोड और आसपास के इलाकों में भी मालवीय नगर जैसी दर्दनाक घटना कभी भी घट सकती है। उन्होंने जनहित में तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराने और सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करने की मांग की।