पीएस निहाल विहार, बाहरी जिला की टीम द्वारा दो आदतन ठग व एक साजिशकर्ता गिरफ्तार

आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए चोरी की मोटरसाइकिलों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। दो चोरी की मोटरसाइकिलें
,लूटी गई नकद राशि ₹5,000/- ,सभी आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड है , मामले की आगे की जांच जारी है।

विक्रम सिंह डीसीपी आउटर डिस्ट्रिक्ट के मुताबिक 23 जून को पीएस निहाल विहार में एक शिकायत प्राप्त हुई जिसमें शिकायतकर्ता विजय चौधरी ने बताया कि उसी दिन शाम लगभग 7:45 बजे उसने रन्होला बस स्टैंड के पास स्थित HDFC बैंक के एटीएम से ₹20,000 निकाले। नकदी निकालकर एटीएम से बाहर आते समय दो अज्ञात व्यक्ति अचानक उसके पास आए, ₹20,000 की नकदी छीनकर मौके से फरार हो गए।

फलस्वरूप, दिनांक 24 जून को पीएस निहाल विहार में एफआईआर संख्या 477/2026 धारा 304(2)/3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। इस मामले में कुलदीप सिंह,शंभू प्रताप सिंह और संजय गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है।

राजबीर लांबा, एसीपी/पश्चिम विहार के समग्र पर्यवेक्षण में, निरीक्षक शिशपाल, एसएचओ/निहाल विहार के नेतृत्व में एएसआई देवेंद्र, एचसी देवेंद्र ढाका, एचसी रवि, कांस्टेबल मोहिंदर और कांस्टेबल जय प्रकाश को शामिल कर एक समर्पित टीम गठित की गई।

जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया गया और स्थानीय सूचना तंत्र विकसित किया गया। शिकायतकर्ता से पुनः पूछताछ में उसने बताया कि वारदात के बाद दोनों लुटेरे पैदल नजफगढ़-नांगलोई कैरिजवे की ओर भागे, जहां दो अन्य साथी अलग-अलग मोटरसाइकिलों पर उनका इंतजार कर रहे थे। इसके बाद सभी चारों आरोपी नांगलोई चौक की ओर फरार हो गए

28 जून को आरोपियों की मौजूदगी की सटीक सूचना मिली। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की गई और दो आरोपियों, कुलदीप सिंह व शंभू प्रताप सिंह को पकड़ लिया गया।

उनकी तलाशी के दौरान क्रमशः ₹1,700 और ₹1,500 नकद बरामद किए गए।

लगातार पूछताछ के दौरान, अपराध में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें उनकी निशानदेही पर बरामद की गईं।

जांच में दोनों मोटरसाइकिलें चोरी की पाई गईं और वर्तमान मामले से संबंधित थीं। एक मोटरसाइकिल ई-एफआईआर संख्या 027137/2022, थाना विजय विहार से चोरी हुई थी, जबकि दूसरी ई-एफआईआर संख्या 008206/2025, थाना पंजाबी बाग से चोरी हुई थी।

आगे की जांच में पता चला कि आरोपियों ने अपराध करते समय पहचान छिपाने और पकड़ से बचने के लिए दोनों मोटरसाइकिलों की नंबर प्लेट बदल दी थीं।

जांच को आगे बढ़ाते हुए साजिशकर्ता संजय गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। उसकी तलाशी के दौरान ₹1,800 नकद बरामद हुए। जांच में खुलासा हुआ कि ई-एफआईआर संख्या 027137/2022 वाली मोटरसाइकिल आरोपी संजय गुप्ता के नाम पर पंजीकृत थी। उसने उक्त मोटरसाइकिल की चोरी की झूठी ई-एफआईआर थाना विजय विहार में दर्ज कराई थी। वास्तव में, मोटरसाइकिल उसके कब्जे में ही थी और उसने जानबूझकर इसे वर्तमान अपराध को अंजाम देने के लिए सह-आरोपियों को सौंपी थी।

आगे की जांच में पता चला कि आरोपी कुलदीप सिंह पहले ठगी के 10 मामलों में संलिप्त पाया गया है। इसी प्रकार, आरोपी शंभू प्रताप सिंह भी ठगी के 10 मामलों में पहले संलिप्त रहा है। वहीं, आरोपी संजय गुप्ता एक आपराधिक मामले में पहले से संलिप्त पाया गया है।

सभी आरोपियों को वर्तमान मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है और बरामद सामान को कानून के अनुसार केस प्रॉपर्टी के रूप में जब्त कर लिया गया है। शेष आरोपियों की तलाश के प्रयास जारी हैं।

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