अशोक कुमार निर्भय
नई दिल्ली। आज के दौर में पैसा किस तरह रिश्तों को तोड़ देता है और गहरी दोस्ती को दुश्मनी में बदल देता है, इसका एक सनसनीखेज मामला दिल्ली के यमुना विहार से सामने आया है। पैसों के लेनदेन को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। यमुना विहार निवासी वैभव पर उत्तराखंड में कथित तौर पर उसके ही दोस्त और उसके साथियों ने जानलेवा हमला कर दिया। कई दिनों तक वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद आखिरकार वैभव ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद से मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है, जबकि मुख्य आरोपी अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं।
परिवार के अनुसार वैभव का अपने दोस्त मुकुल जैन के साथ पैसों का लेनदेन था। वैभव को मुकुल से अपनी रकम वापस लेनी थी, लेकिन वह लगातार भुगतान टालता जा रहा था। आरोप है कि इसी बीच मुकुल जैन एक दिन वैभव के घर पहुंचा और उसे बातचीत के बहाने अपने कुछ साथियों के साथ उत्तराखंड के कालाढूंगी ले गया। वहां रात के समय पैसों को लेकर दोनों के बीच फिर से कहासुनी शुरू हो गई।
बताया जा रहा है कि विवाद कुछ ही देर में हिंसक झगड़े में बदल गया। आरोप है कि मुकुल जैन ने अपने साथियों हजारी लाल और राहुल गौतम के साथ मिलकर वैभव पर बेरहमी से हमला कर दिया। तीनों ने कथित तौर पर वैभव को बुरी तरह पीटा, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं और वह अधमरी हालत में पहुंच गया। घटना के बाद आरोपी उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए।
अगली सुबह 9 अप्रैल 2026 को जब इस घटना की जानकारी वैभव के ड्राइवर को हुई तो वह तुरंत उसे दिल्ली लेकर आया। घर पहुंचने पर वैभव की पत्नी सृष्टि ठाकुर ने उसकी गंभीर हालत देखी और तत्काल उसे सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उसकी हालत को नाजुक बताते हुए उसे आईसीयू में रखा। बाद में स्थिति और बिगड़ने पर वैभव को वेंटिलेटर पर शिफ्ट करना पड़ा। कई दिनों तक इलाज चलने के बावजूद वैभव जिंदगी की जंग हार गया और उसकी मृत्यु हो गई।
इस घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। मृतक के परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाता और मामले में तेजी से कार्रवाई होती तो शायद न्याय की प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा और मजबूत होता। घटना को लेकर उत्तराखंड के कालाढूंगी थाने में मुकुल जैन, हजारी लाल और राहुल गौतम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी हजारी लाल को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी मुकुल जैन और उसका साथी राहुल गौतम अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक मुकुल जैन दिल्ली के गंगोत्री विहार गोंडा क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि राहुल गौतम उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस की टीमें दोनों आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं, लेकिन घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इसे लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
वैभव की पत्नी सृष्टि ठाकुर ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके पति के साथ बेहद क्रूरता की गई और अब परिवार को न्याय चाहिए। वहीं वैभव के मामा डॉ. त्रिलोक चंद, जो एसएसबी के रिटायर्ड डीआईजी रह चुके हैं, ने भी मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह ने कहा कि इस तरह के गंभीर मामलों में फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी जरूरी है, ताकि कानून का भय बना रहे और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।