नई दिल्ली : 13 अक्टूबर 2026 की सुबह, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्य सौरव दास, आशुतोष रांका, अजिंक्य शिंदे व 11 अन्य सदस्य जंतर-मंतर पहुंचे, जिसे धरना-प्रदर्शन स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित (Denotify) किया जा चुका है। ये सभी एक निजी परिसर से अतिक्रमण कर वहां पहुंचे थे।
मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कार्य में लगे पुलिसकर्मियों के कार्य में बाधा डाली।
सभी 14 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। इस संबंध में थाना कनॉट प्लेस में FIR No. 289/26 धारा 223(a)/332/61(2) दिनांक 13.10.2026 तथा थाना पार्लियामेंट स्ट्रीट में FIR No. 128/26 धारा 221/115(2)/132/121(1)/3(5) दिनांक 13.10.2026 के तहत मामले दर्ज किए गए।
बाद में नियमानुसार सभी व्यक्तियों को संबंधित मामलों में पाबंद किया गया।
सार्वजनिक शांति भंग करने और कानून का बार-बार उल्लंघन करने के कथित प्रयासों को देखते हुए आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को निवारक प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया। सोशल मीडिया के माध्यम से अन्य लोगों को इसी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों के लिए उकसाने के उनके कथित प्रयासों को भी संज्ञान में लिया गया।
तीनों व्यक्तियों को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के समक्ष पेश किया गया, जहां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/170 के तहत कार्यवाही शुरू की गई। कलंदरा के विवरण पर विचार करने के बाद और कानून के बार-बार उल्लंघन तथा गंभीर आशंका कि जमानत पर रिहा होने पर वे फिर से कानून का उल्लंघन करेंगे और दूसरों को भी कानून तोड़ने के लिए उकसाएंगे, को देखते हुए SEM कोर्ट ने सौरव दास और आशुतोष रांका को 05 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
वहीं अजिंक्य शिंदे को 5000 रुपये के निजी मुचलके और जमानत पर 06 महीने तक शांति और अच्छा व्यवहार बनाए रखने के लिए पाबंद किया गया।