टीबी से जुड़े सवाल – डॉ. एस.के. अरोड़ा के साथ : क्या टीबी महिलाओं में बांझपन का कारण बन सकती है?

जानिए जरूरी सवाल-जवाब

प्रश्न 1: क्या टीबी महिलाओं में बांझपन का कारण बन सकती है?
हाँ, महिलाओं के जननांगों की टीबी (Female Genital TB) बांझपन का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकती है। यह मुख्यतः फैलोपियन ट्यूब और गर्भाशय की अंदरूनी परत (एंडोमेट्रियम) को प्रभावित करती है, जिससे गर्भधारण में कठिनाई होती है।

भारत मे 15 -20 % infertility का कारण महिलाओ की जननांग टीबी है

प्रश्न 2: यह टीबी शरीर के किस हिस्से में होती है?
यह एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी का रूप है, जो महिलाओं के जननांगों—फैलोपियन ट्यूब, गर्भाशय, ओवरी, सर्विक्स आदि—को प्रभावित करती है। सबसे अधिक असर ट्यूब्स पर होता है।

प्रश्न 3: इसके लक्षण क्या होते हैं?
कई बार इसमें कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, इसलिए पहचान मुश्किल होती है। संभावित लक्षण हैं:
गर्भधारण में कठिनाई / बांझपन
मासिक धर्म अनियमित होना
पीरियड्स कम आना या बंद होना
पेल्विक दर्द
बार-बार गर्भपात
कमजोरी, वजन घटना, हल्का बुखार

प्रश्न 4: यह बांझपन कैसे करती है?
टीबी के कारण फैलोपियन ट्यूब में रुकावट, चिपकाव और गर्भाशय की परत को नुकसान हो सकता है। इससे अंडाणु और शुक्राणु का मिलना या भ्रूण का सही implantation प्रभावित होता है।

*प्रश्न 5: *इसकी जांच कैसे होती है?*
जांच में निम्न साधनों का उपयोग होता है

अल्ट्रासाउंड
HSG / ट्यूब टेस्ट
एंडोमेट्रियल बायोप्सी
CBNAAT / molecular tests
लैप्रोस्कोपी / हिस्टेरोस्कोपी
हिस्टोपैथोलॉजी

प्रश्न 6: क्या इलाज के बाद गर्भधारण संभव है?
हाँ, यदि शुरुआती अवस्था में पहचान हो जाए, तो एंटी-टीबी दवाओं से संक्रमण ठीक किया जा सकता है और गर्भधारण की संभावना बेहतर रहती है। लेकिन देर से पहचान होने पर ट्यूब्स या एंडोमेट्रियम को स्थायी नुकसान हो सकता है।

प्रश्न 7: क्या IVF की जरूरत पड़ सकती है?
यदि ट्यूब्स को गंभीर नुकसान हो गया हो, तो कुछ महिलाओं में IVF सबसे प्रभावी विकल्प हो सकता है, खासकर जब एंडोमेट्रियम पर्याप्त रूप से सुरक्षित हो।

प्रश्न 8: आम महिलाओं को क्या ध्यान रखना चाहिए?
यदि लंबे समय से गर्भधारण नहीं हो रहा हो, मासिक धर्म अनियमित हो, या टीबी का पुराना इतिहास/संपर्क हो, तो Female Genital TB की संभावना को जरूर जांचना चाहिए, विशेषकर भारत जैसे TB-प्रचलित देशों में।

निष्कर्ष: डॉ. एस.के. अरोड़ा कहते हैं कि महिलाओं में बांझपन का एक छुपा हुआ कारण जननांग टीबी भी हो सकती है। समय पर संदेह, सही जांच और पूरा इलाज न केवल बीमारी को ठीक करता है, बल्कि मातृत्व की संभावना भी बचा सकता है।

डॉ. एस.के. अरोड़ा
सीनियर चेस्ट विशेषज्ञ
पूर्व दिल्ली स्टेट टीबी हेड, दिल्ली सरकार
(डब्ल्यूएचओ द्वारा सम्मानित)

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