नई दिल्ली, 21 जून 2026। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा WR-I ने एनसीआर में सक्रिय एक बड़े अंतर-राज्यीय ऑटो लिफ्टर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की 20 मोटरसाइकिल और स्कूटी बरामद की हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करण, अंकुर उर्फ अंकित, नीरज, गुलफाम उर्फ दानिश और गोपाल के रूप में हुई है।
मामले की शुरुआत 22 मार्च 2026 को थाना ज्योति नगर में दर्ज ई-एफआईआर संख्या 06468/26 से हुई, जिसमें DL-7SBR-6*** नंबर की मोटरसाइकिल चोरी हुई थी। जांच बाद में WR-I, अपराध शाखा को सौंपी गई।
इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार के नेतृत्व में एसआई नरेश कुमार, एसआई धर्मेंद्र, महिला/एसआई मीनू, एएसआई अनीता, संजय, जोगिंदर, एचसी अजय, दिलीप, हरपाल, रोहिताश, महीपाल की टीम ने एसीपी राज कुमार के पर्यवेक्षण और डीसीपी हर्ष इंदौरा, आईपीएस के निर्देश पर जांच शुरू की।
स्मार्ट मॉनिटरिंग और सीसीटीवी से मिली मदद
पुलिस ने बताया कि दिल्ली पुलिस के स्मार्ट मॉनिटरिंग टूल और सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज के व्यवस्थित विश्लेषण से आरोपियों की लोकेशन और मूवमेंट ट्रैक करने में बड़ी मदद मिली। मुखबिर की सूचना पर सबसे पहले 4 अप्रैल को मोहन नगर, गाजियाबाद से 23 वर्षीय करण को पकड़ा गया। उसके घर से चोरी की बाइक की नंबर प्लेट और एक अन्य चोरी की हीरो स्प्लेंडर DL-5SAZ-8*** बरामद हुई।
करण से पूछताछ के बाद 9 अप्रैल को वेलकम से अंकुर उर्फ अंकित (26) को दबोचा गया। उसके पास से 2 चोरी के वाहन मिले और रिमांड में 3 और बरामद हुए। 11 अप्रैल को साहिबाबाद से नीरज (22) पकड़ा गया और 4 वाहन बरामद हुए।
गैंग का सरगना गुलफाम उर्फ दानिश और उसका साथी गोपाल 29/30 मई की रात आनंद विहार रेलवे स्टेशन के पास दो चोरी की बाइक के साथ पकड़े गए। इनकी निशानदेही पर राजौरी गार्डन और गाजीपुर से 10 और वाहन मिले।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गैंग ट्रांस-यमुना इलाके में खड़े दोपहिया वाहनों को निशाना बनाता था। दिल्ली-यूपी बॉर्डर के पास सक्रिय रहकर पुलिस से बचते थे। सरगना गुलफाम खुद फोन नहीं रखता था और सिर्फ पुराने ग्राहकों को ही चोरी के वाहन बेचता था। चोरी के बाद वाहन छिपा दिए जाते और मांग आने पर बेचे जाते थे। गैंग अब तक 20-25 दोपहिया वाहन चुरा चुका है।
गुलफाम उर्फ दानिश के खिलाफ सीमापुरी और क्राइम ब्रांच में वाहन चोरी के 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। नीरज पर कश्मीरी गेट, दिल्ली कैंट और एच.एन.दिन थाने में आर्म्स एक्ट व चोरी के केस हैं। गोपाल भी पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया में चोरी के मामले में शामिल रहा है।
बरामद 20 वाहनों में जीटीबी एन्क्लेव, ज्योति नगर, शाहदरा, करावल नगर, पश्चिम विहार, रान्होला, सुल्तानपुरी, आनंद विहार, तिलक नगर, छावला, राजौरी गार्डन, विकास पुरी, भलस्वा, नबी करीम, रंजीत नगर, समयपुर बादली और पालम थानों में दर्ज चोरी के मामले शामिल हैं।
डीसीपी हर्ष इंदौरा ने कहा, “ऑटो-लिफ्टिंग गैंग को निष्क्रिय कर हमने नागरिकों को राहत दी है। सक्रिय पुलिसिंग से संपत्ति संबंधी अपराधों पर रोक लगेगी और सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ेगी। दिल्ली पुलिस हमेशा सतर्क, हमेशा संवेदनशील, हमेशा आपके साथ है।”
पुलिस का कहना है कि बरामद वाहनों को सत्यापन के बाद असली मालिकों को सौंपा जाएगा। गैंग के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की तलाश जारी है।