दिल्ली में फुटपाथ और सड़कों पर माफियाओं का राज, हाईकोर्ट सख्त

फुटपाथ तोड़कर कब्जा करने वालों पर दर्ज होंगे मुकदमे, 5 साल तक की सजा का प्रावधान

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में हजारों की संख्या में फुटपाथों और सड़कों पर भू-माफियाओं ने अवैध कब्जा कर रखा है। चाय-पकौड़े की रेहड़ी से लेकर पक्के निर्माण तक, फुटपाथों को बेचा जा रहा है। इस गंभीर स्थिति पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि फुटपाथ और सड़कों पर किसी भी तरह का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अदालत ने कहा कि फुटपाथ और सड़कें किसी व्यक्ति विशेष की संपत्ति नहीं हैं, ये आम लोगों की सुविधा और सुरक्षित आवाजाही के लिए हैं।

सड़क पर चलने को मजबूर हैं लोग, हो रहे हादसे

अदालत ने चिंता जताई कि फुटपाथों पर अवैध कब्जे के कारण पैदल यात्रियों, बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को मजबूरन सड़क पर चलना पड़ रहा है। इससे रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं और जाम की समस्या भी बढ़ रही है। यह आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन है।

MCD का निर्माण विभाग होगा जिम्मेदार

हाई कोर्ट ने इस पूरे अवैध खेल के लिए दिल्ली नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि यदि भविष्य में किसी भी सड़क या फुटपाथ पर अवैध कब्जा पाया जाता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर दिल्ली नगर निगम का निर्माण विभाग जिम्मेदार होगा और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

BNS की धारा 329/330 के तहत 5 साल तक की सजा

कोर्ट ने आदेश दिया है कि जो लोग फुटपाथ तोड़कर या सड़कों पर अवैध निर्माण कर कब्जा कर रहे हैं, उनके खिलाफ तुरंत मुकदमे दर्ज किए जाएं। ऐसे कब्जा करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 329 और 330 के अंतर्गत कार्रवाई होगी, जिसमें 5 साल तक की कठोर सजा का प्रावधान है।

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