मध्य जिला पुलिस ने सुलझाई 90 लाख की चोरी, 24 घंटों में 84 लाख बरामद, 4 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस के मध्य जिले ने करोल बाग में हुई 90 लाख रुपये की बड़ी चोरी का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने महज कुछ घंटों में ₹84 लाख नकद, चोरी हुए मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद कर लिया। हैरानी की बात यह है कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड दुकान का ही भरोसेमंद कर्मचारी निकला।

मधुर वर्मा ज्वाइंट कमिश्नर सेंट्रल रेंज ने बताया कि 24 जून को दोपहर 2:33 बजे करोल बाग थाने को बिड़नपुरा स्थित एक होलसेल मोबाइल शॉप में चोरी की सूचना मिली। शिकायतकर्ता, हिसार के मंडी आदमपुर निवासी दुकान मालिक ने बताया कि 23-24 जून की रात अज्ञात लोगों ने दुकान का ताला खोलकर करीब 90 लाख रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन और सीसीटीवी का डीवीआर चुरा लिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम टीम और एफएसएल को मौके पर बुलाया गया। शिकायत के आधार पर थाना करोल बाग में एफआईआर संख्या 742/2026 धारा 305(ए)/331(3)/3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।

इस मामले में जांच के लिए एएसआई जितेंद्र, एएसआई वीरपाल, हेड कॉन्स्टेबल दिनेश कुमार के नेतृत्व में थाना करोल बाग की टीम और इंस्पेक्टर संदीप के नेतृत्व में स्पेशल स्टाफ की टीम गठित की गई। एसीपी करोल बाग की देखरेख में टीमों ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और दुकान से जुड़े लोगों से पूछताछ की।

जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने वाला कोई ऐसा व्यक्ति था जिसे दुकान की पूरी जानकारी थी। सबूतों के आधार पर पुलिस ने दुकान के कर्मचारी रवि उर्फ महिपाल, उसके साथी अंश, मनीष और दीपांशु को चिह्नित किया।

छापेमारी और गिरफ्तारी
सूचना मिलते ही पुलिस ने मंगोलपुरी में एक साथ कई जगहों पर छापेमारी की। एक टीम ने मनीष और दीपांशु को उनके घर से पकड़ा, वहीं दूसरी टीम ने एसीपी करोल बाग के नेतृत्व में अंश के ठिकाने पर दबिश दी। अंश के पास से तीन बैगों में छिपाकर रखे गए चोरी के रुपये बरामद हुए।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी रवि ही इस साजिश का मास्टरमाइंड था। वह हर रात दुकान बंद करता था और उसके पास चाबी रहती थी। दुकान में बड़ी रकम होने की जानकारी होने पर उसने दो दिन पहले साथियों के साथ मिलकर चाबी की डुप्लीकेट बनवाई। 23-24 जून की रात अंश और मनीष ने मुंह पर मास्क लगाकर डुप्लीकेट चाबी से दुकान खोली और नकदी, मोबाइल व डीवीआर चुरा ले गए। वारदात के बाद शक से बचने के लिए रवि सुबह दुकान पर मौजूद रहा और खुद को बेगुनाह दिखाता रहा।

पुलिस ने ₹84,00,000 नकद, चोरी किए गए मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया है। नकदी अंश के रिश्तेदार के मंगोलपुरी स्थित खाली मकान में छिपाई गई थी।

डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह, आईपीएस ने बताया कि बाकी बची रकम की बरामदगी और आरोपियों के अन्य वारदातों में शामिल होने की जांच जारी है। आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।

पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से कुछ ही घंटों में हाई-प्रोफाइल चोरी का खुलासा हो गया।

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