नई दिल्ली, 25 जून 2026
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ऑपरेशन कवच 14.0 के तहत बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कुख्यात ड्रग तस्कर उज्मा को PITNDPS एक्ट के तहत निरुद्ध कर दिया है। आरोपी को हैदराबाद की चंचलगुड़ा सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया जा रहा है ताकि नशे के अवैध कारोबार की सप्लाई चेन को तोड़ा जा सके।
ऑपरेशन कवच 14.0 के तहत बड़ी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन कवच 14.0” के तहत आदतन अपराधियों, संगठित अपराधियों और ड्रग तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में क्राइम ब्रांच की डब्ल्यूआर-II यूनिट ने PITNDPS एक्ट के तहत उज्मा के खिलाफ निवारक निरोध का प्रस्ताव तैयार कर राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय को भेजा था।
विचाराधीन प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए डिटेनिंग अथॉरिटी ने 26.02.2026 को PITNDPS एक्ट की धारा 3(1) के तहत उज्मा को निरुद्ध करने का आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार, आरोपी को चंचलगुड़ा सेंट्रल जेल, हैदराबाद में रखा जाएगा।
24 जून 2026 को हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार को गुप्त सूचना मिली कि उज्मा रघुबीर नगर इलाके में छिपी है। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर सतीश मलिक के नेतृत्व में एसआई अनुज छिकारा, एसआई प्रदीप दहिया, हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार, हेड कांस्टेबल रविंदर, हेड कांस्टेबल आजाद सिंह और महिला कांस्टेबल टिंकू की टीम ने रघुबीर नगर से उज्मा को गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी कार्रवाई एसीपी राजपाल डबास की देखरेख में की गई।
पूरे ऑपरेशन की निगरानी डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा, आईपीएस और संयुक्त पुलिस आयुक्त सुरेंद्र कुमार, आईपीएस द्वारा की गई।
कौन है उज्मा?
31 वर्षीय उज्मा पत्नी भरत उर्फ मोगली, ओम विहार फेज-1, उत्तम नगर और जेजे कॉलोनी, रघुबीर नगर, टैगोर गार्डन की रहने वाली है। 1994 में चौखंडी, तिलक नगर में जन्मी उज्मा ने एसकेवी स्कूल, चांद नगर से 12वीं तक पढ़ाई की है। पढ़ाई के बाद उसने इलाके में ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया।
साल 2016 में फेसबुक के जरिए उसकी मुलाकात भरत उर्फ मोगली से हुई, जो पहले से ही उत्तम नगर इलाके में गांजे की अवैध बिक्री करता था। इसके बाद उज्मा भी अपने पति के साथ इस अवैध धंधे में शामिल हो गई और उत्तम नगर व बिंदापुर इलाके में गांजा बेचने लगी।
उज्मा साल 2020 से नशे के अवैध कारोबार में सक्रिय है और एनडीपीएस एक्ट के तहत 6 मामलों में नामजद है।
PITNDPS एक्ट क्या है?
PITNDPS एक्ट 1988 नशीले पदार्थों और मादक द्रव्यों के अवैध व्यापार में लिप्त व्यक्तियों की निवारक नजरबंदी का प्रावधान करता है। इसका मुख्य उद्देश्य नशे के बड़े तस्करों, फाइनेंसरों, किंगपिन और आदतन अपराधियों पर लगाम लगाना है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई संगठित नशा तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने और दिल्ली को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।