नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2026 –
दिल्ली पुलिस ने 21 अक्तूबर को परेड ग्राउंड, नई पुलिस लाइन्स, किंग्सवे कैंप में पुलिस स्मृति दिवस परेड का आयोजन कर कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। यह श्रद्धांजलि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच देशभर में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को समर्पित थी।
समारोह की शुरुआत अत्यंत गमगीन और सम्मानजनक माहौल में हुई। “वतन की राह पर वतन के नौजवान शहीद हों” की धुन पर धीमी चाल में शहीदों की स्मृति पुस्तक (Martyrs’ Book) को परेड में लाया गया। गार्ड ने सलामी शस्त्र दी और सभी अधिकारियों ने शहीद पुस्तक को सैल्यूट किया, जिसके बाद उसे मंच पर स्थापित किया गया।
दिल्ली के पुलिस आयुक्त श्री अनुराग कुमार, IPS ने शहीदों के नाम पढ़े। इस अवधि में कुल 154 पुलिसकर्मियों ने देश सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें दिल्ली पुलिस के 3 जवान भी शामिल हैं।
शहीदों का राज्यवार/बलवार विवरण:
आंध्र प्रदेश-01, अरुणाचल प्रदेश-01, असम-06, बिहार-12, छत्तीसगढ़-06, गुजरात-02, हरियाणा-04, झारखंड-03, कर्नाटक-05, केरल-01, मध्य प्रदेश-09, महाराष्ट्र-02, मणिपुर-01, पंजाब-02, राजस्थान-05, तमिलनाडु-06, तेलंगाना-04, उत्तर प्रदेश-06, उत्तराखंड-01, पश्चिम बंगाल-05, जम्मू-कश्मीर-09, असम राइफल्स-06, बीएसएफ-25, सीआईएसएफ-04, सीआरपीएफ-02, आईटीबीपी-09, एसएसबी-05, आरपीएफ-08, फायर सर्विस-01 और दिल्ली पुलिस-03।
समारोह के बाद शहीद पुस्तक को धीमी चाल में स्मारक तक ले जाया गया। पुलिस आयुक्त ने स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी, पूर्व पुलिस आयुक्त टी.आर. कक्कड़, आर.एस. गुप्ता, नीरज कुमार, एस.एन. श्रीवास्तव, राकेश अस्थाना और संजय अरोड़ा सहित सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों ने भी पुष्पचक्र अर्पित किए। शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया।
दिल्ली पुलिस के शहीदों को नमन:
- शहीद ASI (कार्यकारी) अशोक कुमार: 24 दिसंबर 2025 को थाना मोहन गार्डन, द्वारका जिले में तैनात एएसआई अशोक कुमार GRAP-IV ड्यूटी पूरी कर लौट रहे थे, तभी सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत RTR अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
- शहीद कांस्टेबल (कार्यकारी) संदीप दहिया: 5 अगस्त 2026 को कांस्टेबल संदीप दहिया एक सरकारी कार्य से टीम के साथ जयपुर, राजस्थान गए थे। मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे से लौटते समय नूंह, हरियाणा के जैसिंहपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में उनकी सरकारी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। उन्हें शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
उल्लेखनीय है कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग में चीनी सैनिकों द्वारा किए गए हमले में 10 भारतीय पुलिसकर्मियों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण दिए थे। उन्हीं की याद में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।