नई दिल्ली : रोहिणी जिला पुलिस ने ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है। अमन विहार थाना पुलिस ने महज छह घंटे के अंदर घर से लापता हुई दो नाबालिग बच्चियों को सकुशल ढूंढकर उनके परिवार से मिला दिया।
क्या था मामला?
5 नवंबर 2026 को अमन विहार थाने में पीसीआर कॉल के जरिए दो नाबालिग बच्चियों के घर से लापता होने की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही एसीपी अमन विहार अजय वेदवाल के पर्यवेक्षण और एसएचओ अमन विहार विजय समारिया के नेतृत्व में एसआई अमृत, एएसआई अनुराधा, हेड कांस्टेबल मोनिका और कांस्टेबल दीपक की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
कैसे मिलीं बच्चियां?
टीम ने बच्चियों के हुलिए की जानकारी ली और इलाके में घर-घर जाकर पूछताछ शुरू की। दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों, ई-रिक्शा चालकों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को भी बारीकी से खंगाला गया।
स्थानीय मुखबिरों की मदद और तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस को बच्चियों के रोहतक रेलवे स्टेशन पर होने की जानकारी मिली। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों बच्चियों को वहां से सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया।
पूछताछ में पता चला कि परिवार द्वारा डांटे जाने पर दोनों बच्चियां गुस्से में घर से निकल गई थीं। इसके बाद वे ट्रेन में बैठ गईं और फिर अपने घर का रास्ता भूल गईं।
पुलिस ने बच्चियों की पहचान की पुष्टि करने के बाद उन्हें काउंसलिंग दी और सुरक्षित रूप से परिवार के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस की अपील
रोहिणी जिला पुलिस ने कहा है कि ‘ऑपरेशन मिलाप’ लापता बच्चों को उनके परिवार से मिलाने के लिए चलाई जा रही एक महत्वपूर्ण पहल है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी बच्चे के लापता होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।