महाराष्ट्र : पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिया ने कहा है कि उसके मंगेतर केतन अग्रवाल के सिर पर बाल नहीं थे और वह विग पहनता था। सिया का दावा है कि उसे यह बात पसंद नहीं थी और वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी, हालांकि पुलिस अभी सिया के इस दावे की अलग से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या के पीछे असली वजह क्या थी। जांच एजेंसियां इस मामले को केवल एक बयान के आधार पर नहीं देख रही हैं और सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
वही सिया गोयल ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह केतन के गंजेपन से काफी चिढ़ी हुई थी। सिया का कहना है कि वह किसी ऐसे इंसान के साथ पूरी जिंदगी नहीं बिता सकती थी, जिसके सिर पर असली की जगह नकली बाल हों। वह इस सच को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थी। इसी वजह से उसने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन की हत्या का पूरा प्लान तैयार किया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केतन को मारना एक सोची-समझी साजिश थी। केतन को बहाने से लोहगढ़ किले पर बुलाना और फिर वहां उसकी हत्या करना दिखाता है कि आरोपियों ने कितनी बेरहमी से इस काम को अंजाम दिया। पुलिस अब इस बात का भी पता लगा रही है कि क्या हत्या की वजह सिर्फ विग का विवाद ही थी या फिर कोई और पर्सनल एंगल भी है।
पुलिस जांच के दौरान एक डमी बॉडी का इस्तेमाल करेगी। चूंकि इस मामले में कोई चश्मदीद गवाह नहीं है और सबूतों पर ही केस टिका है, इसलिए कोर्ट में केस को मजबूत करने के लिए हर एक कड़ी को जोड़ना बहुत जरूरी है। क्राइम सीन रीक्रिएट करने से पुलिस को आसानी से समझ आ जाएगा कि केतन को किले से नीचे कैसे धकेला गया। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी तारीख का ऐलान नहीं किया है।
सिया की इस करतूत के बाद उसके परिवार ने उससे पूरी तरह नाता तोड़ लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद से अब तक सिया का कोई भी घरवाला उससे मिलने थाने नहीं आया है। आमतौर पर ऐसे मामलों में परिवार का कोई न कोई सदस्य कानूनी मदद के लिए आ ही जाता है, लेकिन सिया के माता-पिता या भाई में से कोई भी अब तक पुलिस स्टेशन नहीं आया है।
केतन अग्रवाल के इस मर्डर ने रिश्तों के पीछे छिपे खौफनाक सच को सामने ला दिया है। पुणे ग्रामीण पुलिस इस समय हर उस सुराग को तलाश रही है, जो कोर्ट में इस मामले को मजबूती से साबित कर सके। आने वाले दिनों में होने वाले क्राइम सीन रीक्रिएशन और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद इस पूरी साजिश का सच सबके सामने आ जाएगा, जिससे पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके।