सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही एक खबर को पुलिस ने सिरे से खारिज किया है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह खबर तथ्यहीन और भ्रामक प्रोपेगेंडा है, जिसका उद्देश्य आम जनता में दहशत फैलाना और पुलिस व शासन-प्रशासन के विरुद्ध भावनात्मक उभार पैदा करना है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसी अफवाहें फैलाने वालों को चिन्हित किया जा रहा है और भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी खबर को बिना सत्यापन के आगे न बढ़ाएं और केवल प्रमाणित तथ्यों को ही साझा करें।