नई दिल्ली। द्वारका जिले की द्वारका साउथ थाने की टीम ने 10 साल पुराने साइबर ठगी और धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है। टीम ने आरोपी सुनील गुप्ता उर्फ सुनील अग्रवाल (45) को उत्तम नगर से गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्तमान में भगवती गार्डन, उत्तम नगर में प्रॉपर्टी डीलर का काम कर रहा था।
साल 2016 में गुवाहाटी, असम निवासी एक महिला के साथ HDFC बैंक अधिकारी बनकर ठगी की गई थी। आरोपियों ने महिला से बैंक / ATM की गोपनीय जानकारी लेकर उसके खाते से ₹16,08,710/- की राशि NEFT/IMPS के जरिए उड़ा ली थी। यह केस पहले असम के पान बाजार थाने में दर्ज हुआ था, बाद में ट्रांसफर होकर द्वारका साउथ थाने आया। नोटबंदी के चलते आरोपी बैंक से कैश नहीं निकाल पाए और डेबिट/क्रेडिट कार्ड से दिल्ली की ज्वेलरी शॉप्स से सोने के सिक्के खरीद लिए।
2019 में इस केस में अनट्रेस रिपोर्ट लग गई थी, लेकिन माननीय न्यायालय के आदेश पर दोबारा जांच शुरू की गई।
SHO द्वारका साउथ इंस्पेक्टर राजेश कुमार साह और ACP किशोर कुमार रेवाला की देखरेख में इंस्पेक्टर रमेश चंद के नेतृत्व में टीम बनाई गई। NATGRID एप्लीकेशन और बैंक खातों की जांच से सुराग मिले। 21.08.2026 को हेड कांस्टेबल प्रवीण यादव को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी उत्तम नगर में छिपा है, जिसके बाद छापा मारकर उसे उसके ऑफिस से पकड़ा गया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 20-22 साल पहले पश्चिम बंगाल से दिल्ली आया था और टैक्सी चलाता था। फर्जी ID बनाकर अलग-अलग नामों से बैंक खाते खोलता था और प्रति खाता 4 से 5 हजार रुपये में अपने साथी ईशान माहे को बेच देता था।
आरोपी सुनील गुप्ता पहले से 4 मामलों में शामिल रहा है।उसका मुख्य साथी ईशान माहे पहले से ही 8 से ज्यादा साइबर ठगी के मामलों में लिप्त है और वर्तमान में छत्तीसगढ़ की दुर्ग जेल में बंद है। पुलिस आगे की जांच कर रही है।