नई दिल्ली, 16 जून 2026:
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस पावर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तीसरी गिरफ्तारी की है। आरोपी अमर नाथ दत्ता को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत गिरफ्तार किया गया है। विशेष अदालत ने उसे 4 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला रिलायंस पावर की सब्सिडियरी रिलायंस NU BESS लिमिटेड (पहले महाराष्ट्र एनर्जी जेनरेशन लिमिटेड) की ओर से सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) को जमा की गई ₹68.2 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी से जुड़ा है।
जांच में सामने आया कि यह गारंटी फिलीपींस के फर्स्टरैंड बैंक के नाम पर दी गई थी, जबकि उस बैंक की फिलीपींस में कोई शाखा ही नहीं है। ईडी का आरोप है कि ओडिशा की बिस्वाल ट्रेडलिंक कंपनी 8% कमीशन लेकर फर्जी बैंक गारंटी देने का रैकेट चला रही थी।
अब तक 3 गिरफ्तारियां
ईडी अब तक इस केस में तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है:
- पार्थ सारथी बिस्वाल – बिस्वाल ट्रेडलिंक के एमडी 2. अशोक कुमार पाल – रिलायंस पावर के पूर्व सीएफओ 3. अमर नाथ दत्ता – ताजा गिरफ्तारी रिलायंस ग्रुप का बयान
रिलायंस समूह ने कहा है कि अनिल अंबानी 3.5 साल से ज्यादा समय से रिलायंस पावर के बोर्ड में नहीं हैं और उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। कंपनी ने अक्टूबर 2024 में दिल्ली पुलिस की EOW में तीसरी पार्टी के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी।
ईडी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े एक अन्य बैंक धोखाधड़ी मामले में भी ₹3,034 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है।
नोट: फिलहाल आधिकारिक सूत्रों में सतीश सेठ और गौतम भाईलाल दोषी की 12.06.2026 को गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। ईडी की जांच अभी जारी है।