नई दिल्ली, 19 जून 2026
दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अपनी सबसे बड़ी और लक्षित कार्रवाई को अंजाम दिया है। 16 से 18 जून तक चले 48 घंटे के ‘ऑपरेशन साइहॉक 5.0’ में देशभर के 21 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी कर 7,189 लोगों को हिरासत में लिया गया और 916 को गिरफ्तार किया गया। इस अभियान का फोकस दिल्ली के साइबर फ्रॉड हॉटस्पॉट थे, जहां म्यूल अकाउंट, एटीएम और चेक से निकासी की सबसे ज्यादा घटनाएं सामने आई थीं।
दिल्ली में एक प्रेस वार्ता में राजनीश गुप्ता, संयुक्त पुलिस आयुक्त/IFSO ने बताया कि 48 घंटे में पूरे देश में छापे, 2,374 पुलिसकर्मी ने कड़ी कार्यवाही करते हुए,
दिल्ली पुलिस के 15 जिले, रेलवे/मेट्रो, क्राइम ब्रांच और IFSO यूनिट ने मिलकर यह ऑपरेशन चलाया। गृह मंत्रालय के I4C की मदद से हॉटस्पॉट का विश्लेषण करने के बाद 715 टीमों ने एक साथ कार्रवाई की। ऑपरेशन 16 जून सुबह 8 बजे शुरू होकर 18 जून सुबह 8 बजे तक चला।
इसके अलावा 11 PoS मशीन, 323 आधार कार्ड, चेक बुक, RTGS स्लिप और PAN कार्ड भी बरामद हुए। साइबर फ्रॉड में शामिल होने के संदेह में नाइजीरिया मूल के दो विदेशी नागरिकों को डिपोर्ट भी किया गया।
साइबर फ्रॉड की रीढ़ पर वार: म्यूल अकाउंट और मालवेयर
ऑपरेशन साइहॉक 5.0 सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं था। इसका मकसद साइबर फ्रॉड के पूरे इकोसिस्टम को ध्वस्त करना था।
- म्यूल अकाउंट नेटवर्क: जामताड़ा, मेवात के लोकल गैंग और दक्षिण-पूर्व एशिया के संगठित गिरोह टेलीग्राम पर बेरोजगारों को वर्क-फ्रॉम-होम और कमीशन का लालच देकर बैंक अकाउंट खुलवाते थे। इनके सिम और डेबिट कार्ड लेकर ठगी की जाती थी। ऑपरेशन में 3,600+ म्यूल अकाउंट हैंडलर पकड़े गए। • खतरनाक .apk फाइलें: अब OTP फ्रॉड की जगह Malware-as-a-Service ले रहा है। ठग DJB_Bill_Payment.apk, m-Parivahan.apk जैसे फर्जी ऐप भेजकर फोन में मालवेयर इंस्टॉल कराते थे। ये ऐप खुद OTP पढ़कर ठगों को भेज देते थे। पुलिस ने ऐसे APK बांटने वालों को खास तौर पर निशाना बनाया। • फर्जी कॉल सेंटर: दिल्ली में नौकरी, मॉडलिंग, बीमा और ज्योतिष के नाम पर ठगी करने वाले कॉल सेंटर पकड़े गए। IFSO ने माइक्रोसॉफ्ट-एप्पल के नाम पर विदेशियों को ठगने वाले इंटरनेशनल टेक सपोर्ट स्कैम सेंटर भी बस्ट किए।
पहली बार MaaS पर सीधा हमला
दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने कहा, “ऑपरेशन साइहॉक हमारी इंटेलिजेंस-आधारित पुलिसिंग की प्रतिबद्धता दिखाता है। हमने संगठित साइबर फ्रॉड की रीढ़ पर निर्णायक चोट की है। डिजिटल तरीके से नागरिकों का शोषण करने वालों को ट्रैक कर न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।”
यह साइहॉक सीरीज का 5वां संस्करण था। इस बार पहली बार MaaS यानी Malware-as-a-Service इकोसिस्टम और .apk डिस्ट्रीब्यूटर्स पर फोकस किया गया। साथ ही बड़ी मात्रा में बैंक किट, पासबुक और RTGS स्लिप बरामद कर फाइनेंशियल मशीनरी की गहराई में कार्रवाई हुई।
जनता के लिए एडवाइजरी: STOP-THINK-ACT
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए डिजिटल सेफ्टी मंत्र STOP – THINK – ACT को अपनाने की अपील की है।
साइबर सुरक्षित रहने के लिए जरूरी बातें:
- कभी साझा न करें: बैंक डिटेल, PIN, CVV, पहचान दस्तावेज किसी अनजान से शेयर न करें • भरोसा न करें: अनचाहे जॉब ऑफर, निवेश स्कीम या “आसान कमाई” के वादों पर • वेरिफाई करें: कस्टमर केयर नंबर सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट से लें • इंस्टॉल न करें: किसी के कहने पर स्क्रीन-शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें • चालू करें: जरूरी अकाउंट पर 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन • अपडेट रखें: फोन और ऐप्स को नियमित अपडेट करें
ठगी होने पर तुरंत करें रिपोर्ट
- 1930 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन में बने इंटीग्रेटेड हेल्प डेस्क पर जाएं 2. संचार साथी ऐप या https://cybercrime.gov.in पर ‘Report Suspect to I4C’ बटन से शिकायत दर्ज करें 3. व्हाट्सऐप हैक होने पर ##21# डायल कर कॉल/SMS फॉरवर्डिंग बंद करें 4. अपडेट के लिए X पर @CyberDost और @DelhiPolice को फॉलो करें
दिल्ली पुलिस ने I4C, बैंक और टेलीकॉम कंपनियों के सहयोग के लिए आभार जताया। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों पर दबाव बनाए रखने के लिए ऐसे ऑपरेशन नियमित अंतराल पर जारी रहेंगे। साथ ही स्कूल, RWA और बाजारों में साइबर जागरूकता अभियान तेज किए जा रहे हैं।