नई दिल्ली, 08 अगस्त 2026
मध्य जिला के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 15 वर्षीय लापता किशोरी को पंजाब के जालंधर से सकुशल बरामद कर लिया है। किशोरी पिछले डेढ़ महीने से लापता थी।
यह मामला थाना पटेल नगर में दर्ज एफआईआर नंबर 212 दिनांक 20.06.2026, धारा 137(2) BNS के तहत अपहरण का था। लापता किशोरी ‘M’ बलजीत नगर, दिल्ली की रहने वाली है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रोहित राजवीर सिंह आईपीएस डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के निर्देशन में एसीपी/DIU की देखरेख और इंस्पेक्टर अनिल यादव, प्रभारी AHTU के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में एसआई राज बहादुर सिंह, महिला सिपाही मनीषा और सिपाही आशीष कुमार शामिल थे।
जांच के दौरान टीम ने 25 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और 60 अनाथालयों/आश्रय गृहों, धार्मिक स्थलों और रेड लाइट एरियाज में सघन तलाशी अभियान चलाया।
जांच में सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि किशोरी के पास अपना निजी मोबाइल फोन नहीं था। वह अलग-अलग जगहों पर अनजान लोगों के फोन से अपने परिजनों को संपर्क कर रही थी, जिसके कारण तकनीकी निगरानी करना मुश्किल हो रहा था।
फोन कॉल से मिला सुराग, अमृतसर से जालंधर तक पीछा
पुलिस ने जब किशोरी द्वारा परिवार को की गई कॉल्स का विश्लेषण किया तो पहला सुराग अमृतसर, पंजाब से मिला। पता चला कि कॉल एक रिक्शा चालक के फोन से की गई थी। दूसरी कॉल अंबाला में एक राहगीर के फोन से की गई थी।
तीसरी अहम कड़ी जालंधर के एक कैफे से मिली, जहां किशोरी ने फोन का इस्तेमाल किया था। इसी से पुलिस को जालंधर में उसके होने का पुख्ता सुराग मिला।
सुराग मिलते ही AHTU टीम 04.08.2026 को जालंधर रवाना हुई। वहां बस स्टैंड, झुग्गी बस्तियों में किशोरी की तस्वीरें बांटकर रिक्शा चालकों, चाय की दुकानों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई।
इसी दौरान एक सूत्र से सूचना मिली कि किशोरी एक लड़के के साथ देखी गई है। लड़के का पता लगाकर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह छल्ली खाते समय किशोरी से मिला था, उसे और कुछ पता नहीं है।
टीम ने हार नहीं मानी और स्थानीय सूत्रों को और सक्रिय किया। आखिरकार 05.08.2026 को सूचना मिली कि किशोरी जालंधर के एक खाली प्लॉट में है, जहां बाहर से आए लोग अस्थायी रूप से रह रहे हैं। टीम ने तुरंत छापा मारकर किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया।
पूछताछ में किशोरी ने बताया कि वह अपनी मां से झगड़े के बाद स्वेच्छा से घर छोड़कर चली गई थी। वह बचपन से अपनी बुआ के पास रह रही थी और हाल ही में उसकी मां उसे वापस लाई थी, जिससे नाराज होकर वह घर से निकल गई थी।
किशोरी को सुरक्षित दिल्ली लाकर संबंधित जांच अधिकारी के सुपुर्द कर दिया गया है।
मध्य जिले के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह (IPS) ने बताया कि यह सफलता AHTU टीम की कड़ी मेहनत, व्यावसायिक प्रतिबद्धता और अथक प्रयासों का परिणाम है।