दिल्ली के वजीराबाद थाना क्षेत्र में ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 6 जुलाई 2026: उत्तर जिला पुलिस की संयुक्त टीमों ने वजीराबाद थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की आरोपियों से पुरानी रंजिश थी। वारदात के बाद आरोपी महाराष्ट्र, पंजाब, जम्मू, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में छिपते फिर रहे थे। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल टीएसआर (ऑटो) भी बरामद कर लिया है।


राजा बंथिया IPS, डीसीपी , नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के मुताबिक 21 मई को को थाना वजीराबाद को पीसीआर कॉल मिली कि जगतपुर पुस्ता रोड, यमुना खादर में एक शव पड़ा है। एसएचओ वजीराबाद टीम सहित मौके पर पहुंचे, जहां एक पुरुष का शव मिला, जिस पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। शव की पहचान मिट चुकी थी, लेकिन हाथ पर बने दो नाम व चिह्न के टैटू से मृतक की पहचान चंदन सैनी, उम्र 34 वर्ष, पुत्र स्व. विनोद चंद, निवासी नेहरू विहार, दिल्ली के रूप में हुई। चंदन थाना तिमारपुर का बीसी था और उस पर स्नैचिंग, चोरी व सेंधमारी के 5 मुकदमे दर्ज थे। थाना वजीराबाद में FIR No. 227/2026, धारा 103(1) BNS के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए दो संयुक्त टीमें बनाई गईं।
पहली टीम: इंस्पेक्टर अमित कुमार ATO/वजीराबाद के नेतृत्व में SI सरताज, SI विपिन, HC दीपक, HC नरेंद्र, HC विनय, HC संदीप, HC सतपाल, कांस्टेबल नरेश, नीरज, सोहनवीर व आशुतोष, जिनका पर्यवेक्षण इंस्पेक्टर प्रशांत आनंद SHO/वजीराबाद और मार्गदर्शन ACP/बुराड़ी शशिकांत गौर ने किया।
दूसरी टीम में इंस्पेक्टर संजय कुमार गुप्ता इंचार्ज AATS के नेतृत्व में SI हीरा लाल, SI दिनेश, ASI परविंदर, HC संदीप, HC राहुल, कांस्टेबल नितेश, बिजेंद्र, विक्रम, दामोदर व सुमित, जिनका मार्गदर्शन ACP/ऑपरेशंस विशेष धत्तरवाल ने किया।

जांच में आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। स्थानीय पूछताछ में पता चला कि 20-21 मई की रात एक ऑटो मृतक के घर आया था और चंदन उसी में बैठकर गया था। मृतक के साथी सुरजीत उर्फ बच्ची, जो तिमारपुर का बीसी है, से पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक की तरुण निवासी नेहरू विहार से रंजिश थी। 18 मई को चंदन ने तरुण के भाई सौरभ से झगड़ा किया था।

तरुण मुख्य संदिग्ध बना। छापेमारी में तरुण फरार मिला। जांच में पता चला कि 18 मई को तरुण का चचेरा भाई सन्नी, निवासी अमृतसर और उसका दोस्त धीरज भी तरुण के घर आए थे और घटना के बाद से तीनों फरार थे। पुलिस टीम अमृतसर गई, लेकिन वहां से भी आरोपी एक रात रुककर निकल चुके थे।

तकनीकी जांच व गुप्त सूचना से पता चला कि आरोपी मुंबई, अमृतसर, कटरा जम्मू में लोकेशन बदल रहे थे। 25 जून को सूचना मिली कि तरुण व धीरज किंग्सवे कैंप चौक पर दिखे हैं। टीम ने पीछा कर कासिम विहार, लोनी गाजियाबाद तक उनका पता लगाया। 5 जुलाई को SI दिनेश AATS को सूचना मिली कि धीरज कासिम विहार में है। फोटो के आधार पर घेराबंदी कर धीरज को 5 जुलाई को गिरफ्तार किया गया।

धीरज की निशानदेही पर उसी दिन तरुण उर्फ तन्नी व सन्नी को सब्जी मंडी मोर्चरी के पास, HP पेट्रोल पंप के सामने से दबोच लिया गया।

तरुण ने बताया कि 18 मई को चंदन द्वारा उसके भाई सौरभ को किडनैप करने की कोशिश के बाद उसने बदला लेने की ठानी। उसने चचेरे भाई सन्नी व दोस्त धीरज को साथ लिया। 20-21 मई की रात तरुण के किराए के ऑटो में तीनों चंदन के घर पहुंचे और शराब पीने के बहाने उसे ऑटो में बैठाया। रास्ते में पिटाई कर यमुना खादर, मिलन विहार के पास जंगल में ले जाकर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी।

वारदात के बाद तीनों मुंबई, अमृतसर, कटरा, हरिद्वार, लोनी गाजियाबाद के गुरुद्वारों में छिपे रहे। 10 दिन पहले दिल्ली लौटकर चांदनी चौक गुरुद्वारा के पास रह रहे थे। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल ऑटो बरामद कर लिया गया है।हथियार व अन्य सबूतों की बरामदगी के लिए आगे जांच जारी है।

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