दिल्ली: फर्जी टेलीकॉम एजेंट गिरफ्तार, साइबर ठगों को बेचता था फर्जी सिम कार्ड

04 जुलाई 2026, नई दिल्ली

सेंट्रल जिले की साइबर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट करने वाले टेलीकॉम PoS एजेंट शिवा को गिरफ्तार किया है। आरोपी बिना KYC और बायोमेट्रिक सत्यापन के प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड बेचता था, जिनका इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी के लिए हो रहा था। पुलिस ने आरोपी को हिंदू राव अस्पताल के पास से पकड़ा।

18 साइबर ठगी की शिकायतों में इस्तेमाल हुए सिम
जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा अवैध रूप से एक्टिवेट किए गए 11 सिम कार्ड अलग-अलग राज्यों की 18 साइबर ठगी शिकायतों में इस्तेमाल हुए। आरोपी शिवम टेलीकॉम के नाम से बलजीत नगर, पटेल नगर में अस्थायी रोड साइड स्टॉल लगाकर लाइसेंस प्राप्त PoS एजेंट के रूप में काम कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ग्राहकों के पहचान पत्र और बायोमेट्रिक डेटा का दुरुपयोग कर उनके नाम से अतिरिक्त सिम एक्टिवेट कर लेता था। फिर इन प्री-एक्टिवेटेड सिम को 500-600 रुपये प्रति सिम के हिसाब से साइबर ठगों और बिचौलियों को बेच देता था।


साइबर पुलिस स्टेशन को दिल्ली में सक्रिय PoS एजेंटों के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी, जिनके जारी किए सिम देशभर में साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल हो रहे थे। जांच में शिवा सिम्स, नितीश टेलीकॉम और शिवम टेलीकॉम संदेह के घेरे में आए।

जांच के बाद 25 अगस्त 2025 को साइबर थाने में FIR No. 62/25, भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2), 336(3), 340 और दूरसंचार अधिनियम की धारा 42(3) के तहत मामला दर्ज किया गया। इंस्पेक्टर योगराज दलाल के नेतृत्व में SI कपिल, HC मनोज और कांस्टेबल अनुज की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और लोकल इंटेलिजेंस के आधार पर 2 जुलाई 2026 को आरोपी को दबोच लिया।

पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
आरोपी शिवा, मूल रूप से सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। उस पर पहले से थाना पश्चिम विहार में FIR No. 167/2025, BNS की धारा 103(1), 249, 318(3), 61(2) और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज है।


पूछताछ में आरोपी ने माना कि वह ग्राहकों की जानकारी के बिना उनके दस्तावेज और बायोमेट्रिक का इस्तेमाल कर अतिरिक्त सिम निकालता था। इन सिम का इस्तेमाल साइबर अपराधी पीड़ितों को फोन करने, फर्जी डिजिटल पेमेंट अकाउंट बनाने और अपनी पहचान छिपाने में करते थे। पुलिस ने डिजिटल लॉग और एक्टिवेशन दस्तावेज बरामद किए हैं जो ब्लैकलिस्टेड सिम से मेल खाते हैं।


पुलिस अब उन बिचौलियों की तलाश कर रही है जो इन सिम को ठगों तक पहुंचाते थे। पूरे नेटवर्क और अन्य लाभार्थियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।


डीसीपी रोहित राजबीर सिंह, IPS ने बताया कि सभी टेलीकॉम वितरक और PoS एजेंट KYC और बायोमेट्रिक नियमों का सख्ती से पालन करें। उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई होगी।

आम जनता से अपील है कि अनधिकृत विक्रेताओं से सिम न खरीदें और अपने पहचान पत्र या बायोमेट्रिक का दुरुपयोग न होने दें। सिम की अवैध बिक्री की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।

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