पूर्वी दिल्ली की साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगों को बैंक खाते मुहैया कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ और शिकायतकर्ता को 1,02,674 रुपये की ठगी गई रकम भी वापस दिलाई गई है।
पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में म्यूल खाताधारक शिवम कुमार (26), राजेंद्र शर्मा (28) और मुख्य सप्लायर अंकित चौधरी (35) शामिल हैं। यह कार्रवाई ई-एफआईआर संख्या 39/2025 के तहत की गई।
OLX पर ठगी से खुला राज
आई.पी. एक्सटेंशन निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि OLX पर खरीदारी के नाम पर उसके साथ ऑनलाइन ठगी हुई। ठगी के पैसे यस बैंक के दो अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए थे। जांच में सामने आया कि 72 हजार रुपये मुजफ्फरनगर के शिवम कुमार और 49,900 रुपये दिल्ली के राजेंद्र शर्मा के खाते में गए थे।
ऐसे चलता था नेटवर्क
पूछताछ में शिवम ने बताया कि उसने मेरठ के अंकित चौधरी के कहने पर खाता खुलवाया था। मेरठ में छापा मारकर अंकित को पकड़ा गया। अंकित ने खुलासा किया कि वह बेरोजगार और गरीब लोगों को नौकरी या कमीशन का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाता था। फिर एटीएम, पासबुक और इंटरनेट बैंकिंग की डिटेल लेकर खाते साइबर ठगों को दे देता था। बदले में खाताधारक को छोटा और अंकित को मोटा कमीशन मिलता था। अंकित ने कम से कम पांच ऐसे खाते सप्लाई करने की बात कबूली है।
इंस्पेक्टर पवन यादव की टीम ने की कार्रवाई
SHO इंस्पेक्टर पवन यादव के नेतृत्व में एसआई विक्षित तोमर, एचसी प्रवीण और एचसी योगेश की टीम ने तकनीकी निगरानी, बैंक रिकॉर्ड और मोबाइल नंबर की जांच कर आरोपियों को ट्रेस किया। पुलिस अब उन साइबर ठगों की तलाश कर रही है जो इन खातों का इस्तेमाल करते थे।
पुलिस की अपील: खाते किराए पर न दें
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या बैंकिंग डिटेल किसी अज्ञात व्यक्ति को न दें। खाते किराए पर देने या खुलवाने पर आप पर भी आपराधिक कार्रवाई हो सकती है। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
क्या न करें:
- किसी अनजान के लिए बैंक खाता न खोलें • एटीएम, पासबुक किसी को न सौंपें • सोशल मीडिया पर नौकरी के ऑफर को पहले जांचें • आसान पैसे के लालच में न आएं